आजमगढ़। शासन के निर्देश पर जिले में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे कक्षा एक से आठ तक के 6660 दिव्यांग बच्चों की सूची तैयार की गई। समेकित शिक्षा के तहत इन बच्चों को सुगम्य वर्कशीट्स मुहैया कराई जाएगी। राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश पर 2706 विद्यालयों में 6660 छात्रों को आवश्यकतानुसार स्टेशनरी मुहैया कराने की तैयारी है। एक सेट पर करीब सौ रुपये का खर्च आएगा।
जिले में योजना के तहत करीब 666000 रुपये खर्च किए जाएंगे। राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से सुगम्य वर्कशीट्स को विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता से प्रभावित बच्चों के शैक्षिक विकास के लिए लागू किया गया है। दिव्यांग छात्रों के स्टेशनरी सामग्री खरीदने के लिए सहायता राशि भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बीएसए समीर के मुताबिक सुगम्य वर्कशीट्स से दिव्यांग बच्चों को भाषा और गणित विषय को सीखने में आसानी होगी। समावेशी शिक्षा के लिए नामित नोडल अध्यापकों दिव्यांग बच्चों की आवश्यकता के अनुरूप स्टेशनरी सामग्री क्रय करके उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने बताया कि सामग्री खरीदने और उपयोगिता की जिम्मेदारी नोडल टीचर की होगी। जिला समन्वयक और बीईओ को विद्यालयों का निरीक्षण करके उपयोगिता की पुष्टि करेंगे।
दिव्यांग छात्रों को मिलेगी ये सामग्री :
जिले के 6660 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को बहुत जल्द सुगम्य वर्कशीट्स से स्टेशनरी सामग्री मिलेगी। इसमें क्रेयांस में 12 रंगों का सेट, 12 रंगों की कलर पेंसिल का सेट, एचबी पेंसिल 10 पीस, शार्पनर, इरेजर, वाटर कलर 12 रंगों का पेंट ब्रश के साथ आवश्यकतानुसार बच्चों को दिया जाएगा। दिव्यांग बच्चों को प्रशिक्षण कराने के लिए नोडल अध्यापक लगाए गए हैं। जो स्टेशनरी सामग्री का सदुपयोग कराते हुए दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने का काम करेंगे। उन्हें सामग्री का पूरा विवरण भी रखना होगा।