वित्तीय वर्ष 2018-19 गेहूं खरीद की तैयारियों को लेकर शनिवार को नेहरू हॉल में एडीएम वित्त एवं राजस्व बीके गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में रणनीति बनाई गई और संबंधित विभागों को व्यवस्थाएं समय पर पूरा करने निर्देश दिए गए।
डिप्टी आरएमओ आरपी पटेल ने बताया कि गेहूं खरीद के लिए खाद्य विभाग के 20, पीसीएफ के 33, यूपी एग्रो के चार, कर्मचारी कल्याण निगम के दो और भारतीय खाद्य निगम के दो केंद्रों समेत कुल 61 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं।
शासन की ओर से खाद्य विभाग को 29000 एमटी, पीसीएफ को 16800 एमटी, यूपी एग्रो को 3600 एमटी, कर्मचारी कल्याण निगम को 2000 एमटी, नेफ्रेड को 6000 एमटी और भाखानि का 6500 एमटी समेत कुल 63900 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
खरीद ऑनलाइन की जाएगी। किसानों को विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। शासन की ओर से कामन गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। समर्थन मूल्य के अतिरिक्त किसानों को उतराई, छनाई-सफाई के लिए 10 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान किया जाएगा।
एडीएम वित्त एवं राजस्व ने कहा कि केंद्रों पर बैनर लगा होना चाहिए और उस पर टोल फ्री नंबर 1800 1800 150 अंकित होना चाहिए। क्रय केन्द्र राजपत्रित अवकाश और रविवार को छोड़कर प्रत्येक दिन प्रात: नौ से शाम छह बजे खुले रहेंगे। प्रत्येक केंद्र पर इलेक्ट्रानिक कांटे, पंखा, झरना आदि की व्यवस्था सुनिश्चित होना चाहिए।
किसानों के लिए छाया, कुर्सी, पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए। मंडी सचिव मंडियों में गेहूं की नीलामी की व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे। क्रय एजेंसियों पर पर्याप्त मात्रा में बोरे न्यूनतम पांच गांठ और कम से कम 25 लाख की धनराशि की व्यवस्था क्रय एजेंसियां सुनिश्चित करेंगी।
एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में स्थापित केंद्रों का प्रत्येक सप्ताह निरंतर निरीक्षण कराएंगे। सभी उपजिलाधिकारी भारतीय खाद्य निगम के डिपो पर गेहूं उतारने की व्यवस्था को सुनिश्चित कराएंगे।
तय किए मानक
विजातीय तत्व 0.75 फीसदी
अन्य खाद्यान्न 2.00फीसदी
क्षतिग्रस्त दाने 2.00 फीसदी
किंचित क्षतिग्रस्त दाने 4.00 फीसदी
सिकुड़े एवं टूटे दाने 6.00 फीसदीनमी 12.00 फीसदी