आजमगढ़। वर्ष 2010 के बाद परिषदीय विद्यालयों में नियुक्त हुए सहायक अध्यापकों की जांच का शासन ने निर्देश दिया है। शासन स्तर से ही जिला स्तर पर तीन सदस्यी कमेटी भी गठित की गई है। यह कमेटी बेसिक शिक्षाधिकारी से रिकार्ड प्राप्त कर उसकी जांच करा रही है। जांच में अब कुछ तेजी आयी है जहां ज्यादातर शिक्षकों के रिकार्ड बीएसए कार्यालय से एडी कार्यालय पहुंच गए है तो वहीं अब सत्यापन रिपोर्ट भी आने लगी है।
जिले में 2010 से अब तक 4490 सहायक अध्यापकों की परिषदीय विद्यालयों में तैनाती हुई है। इन सभी के जांच का शासन ने निर्देश दिया हुआ है। जिला स्तर पर एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यी कमेटी गठित की गई है। जिसमें एसपी सिटी के साथ ही एडी बेसिक भी शामिल है। नियुक्ति अधिकारी बीएसए कार्यालय से सभी शिक्षकों के रिकार्ड एडी कार्यालय मंगाए जा रहे है, जहां उनकी कंप्यूटर फीडिंग हो रही है। इसके साथ ही शिक्षकों के शैक्षिक व अन्य प्रमाण पत्र संबंधित संस्थाओं, स्कूलों, बोर्ड व विश्वविद्यालयों को सत्यापन के लिए भेजा जा रहा है। अब तक बीएसए कार्यालय से 4347 शिक्षकों के रिकार्ड एडी कार्यालय आ चुके है और सभी की फीडिंग भी हो चुकी है। जिसमें 2062 शिक्षकों के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, बीएड, 1663 शिक्षकों के टीईटी, जाति, निवास व 48 शिक्षकों के विकलांग प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए संबंधित संस्था, बोर्ड व विश्वविद्यालय को प्रेषित किए जा चुके है। अब सत्यापन की रिपोर्ट भी आनी शुरू हो गई है। अब तक हाईस्कूल के 401, इंटरमीडिएट के 397, स्नातक के 338, बीएड के 337, जाति के 38 व निवास के 22 प्रमाण पत्रों का सत्यापन रिपोर्ट भी आ चुका है। टीईटी व विकलांग प्रमाण पत्र के सत्यापन का अब तक कोई रिपोर्ट नहीं आया है। विभागीय सूत्रों की माने तो टीईटी के सत्यापन रिपोर्ट आने पर ही फर्जी शिक्षकों का नाम प्रकाश में आने की ज्यादा संभावना है।