निजामाबाद। राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन कर सत्ता और विपक्ष दोनों के खिलाफ आवाज बुलंद की। लाहीडीह बाजार में आयोजित सम्मेलन से राजनैतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय महासचिव मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि भाजपा सरकार सत्ता मोह में मदहोश पड़ी है और विपक्ष भी खामोश है। जनविरोधी नीतियों से समाज का हर वर्ग परेशान और प्रताड़ित है।
उन्होंने कहा कि पूरा देश भाजपा के कुशासन से परेशान है। महंगाई, नोटबंदी, जीएसटी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। जनता त्राहित्राहि कर रही है। जनता की परेशानी को देखने के बावजूद समस्त विपक्ष खामोश तमाशाई बना खड़ा है। सबको सीबीआई और ईडी का डर सता रहा है। कांग्रेस ने तीन राज्यों के चुनाव आने के बाद अपनी जुबान खोली। सड़क पर उतरे। उत्तर प्रदेश में दोनों मुख्य विपक्षी दल खमोश हैं। भाजपा सत्ता के नशे में मदहोश है। जनता विकल्प की तलाश में है। ऐसे में छोटे राजनैतिक दलों का रोल अहम हो जाता है। कौंसिल के कार्यकर्ता और पदाधिकारी सड़क पर जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ें। जनहित में आंदोलन करें। मुफ़्ती गुफरान कासमी ने कहा कि वक़्त का तकाजा है कि हम अपने इत्तेहाद को मजबूत करें। प्रवक्ता तलहा रशादी ने कहा कि कौंसिल का जन्म ही आंदोलन की कोख से हुआ। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शकील अहमद ने की। मो. आरिफ़, खालिद तोवा, कमाल नासिर, शाहरियार, आबिद, अदील, अजय, अलीम आदि उपस्थित रहे।