फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अदालत ने दिया मुकदमा पंजीकृत किए जाने का आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने शहर थाना कोतवाली प्रभारी को चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना किए जाने का आदेश दिया है। चारो आरोपियों पर धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है। घटना सिधारी थाना क्षेत्र एकरामपुर गांव की है।
विज्ञापन

इस मामले में एकरामपुर निवासी सुषमा सिंह ने अदालत में दंड प्रक्रिया की धारा 156 (3)के तहत आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किए जाने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र के अनुसार एकरामपुर गांव में पीड़िता की 18 बिस्वा भूमि को शहर थाना कोतवाली के मुहल्ला रैदोपुर निवासी राकेश पुत्र राम मिलन, फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के मद्धूपुर निवासी संतोष पुत्र विश्राम ने 2015 में पीड़िता के पति से मिले और कहा कि तुम अपनी 18 बिस्वा जमीन दे दो। बदले में हम तुम्हे छह बिगहा जमीन दिलवा देंगे। आरोपियों ने दूसरे की भूमि दिखाया। मेहनगर थाना क्षेत्र के मौली गांव निवासी शिवबरन पुत्र रामफेर और भरत पुत्र चंद्रदेव को खड़ाकर हमारे पति से उनकी भूमि का एग्रीमेंट करा लिया। जब मेरे पति ने पता किया तो मालूम हुआ कि उन व्यक्तियों की कोई जमीन नहीं है। जिसे जानने के बाद मेरे पति जय प्रकाश सिंह का हार्ट अटैक होने से निधन हो गया। इस मामले में पीड़िता सुषमा सिंह ने संबंधित थाना समेत पुलिस अधीक्षक को पंजीकृत डाक से प्रार्थना पत्र भेजकर घटना से अवगत कराया। इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने अपने अधिवक्ता विंध्यवासिनी प्रताप सिंह और प्रेम प्रकाश सिंह के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। जिसकी सुनवाई के बाद अदालत ने उक्त आदेश पारित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें