आजमगढ़। यूनाईटेड फोरम ऑफ आरआरबी यूनियन के आह्वान पर लगातार तीसरे दिन बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर काशी गोमती ग्रामीण बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों ने चौक स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर नारेबाजी की। तीन दिनों में लगभग एक अरब का लेन-देन प्रभावित होने की दावा किया जा रहा है।
काशी गोमती ग्रामीण बैंक की हड़ताल से जनपद की कुल 87 शाखाओं पर ताले लटकते रहे। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चंद्र तिवारी ने कहा कि वाणिज्यिक बैंकों के समान पेंशन, पीएफ, प्रमोशन पालिसी, सेवा शर्त लागू होने तक आंदोलन का सिलसिला चलता रहेगा। उन्होंने निजीकरण का विरोध जताते हुए यह भी कहा कि ग्रामीण बैंकों के निजिकरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आघात पहुंचेगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एलके सिंह ने कहा कि मृतक आश्रितों के आधार पर नियुक्ति, दैनिक मजदूरों के स्थायी किया जाना चाहिए। न्होंने चेतावनी की कि सरकार हमारी मांगों को पूरा नही करेंगी तो बैंककर्मियों की ओर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। जुलूस में शामिल आफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री शशिकांत श्रीवास्तव, प्रदेश सहायक मंत्री विष्णु गुप्ता, महामंत्री द्वारिका राय, रामफेर चौहान, बदरे आलम, यशवीर सिंह, अनिल कुमार सिंह सहित अन्य बैंककर्मी मौजूद रहे।