आजमगढ़। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहरौला पर गुरुवार को नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर सुलाने के मामले की जांच शुरू हो गई है। सीएमओ डॉ. एसके तिवारी ने जांच की जिम्मेदारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. परवेज को सौंपी है। एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीएचसी अहरौला पर गुरुवार को चालीस महिलाओं का अस्पताल पर नसबंदी ऑपरेशन किया गया। उसके बाद महिलाओं को जमीन पर ही सुला दिया गया। जबकि जरूरत पड़ने पर अस्पताल को टेंट हाऊस से भी बेड मंगाने को कहा गया है। अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसे संज्ञान में लेते हुए सीएमओ डॉ. एसके तिवारी ने मामले की जांच का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. परवेज अख्तर मामले की जांच करेंगे। जांच में बेड उपलब्ध न होने और बाहर से न मंगाए जाने के कारणों की भी जांच होगी। इसके साथ ही प्रभारी चिकित्साधिकारी और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के उपस्थिति की भी जांच करायी जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा गया है। उसके आधार पर ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कहीं जांच में हरैया जैसा न हो जाए गोलमाल
आजमगढ़। सीएमओ ने मामले की जांच का निर्देश भले ही दे दिया हो लेकिन चर्चा इस बात की भी है कि जांच अधिकारी डॉ. परवेज अख्तर की जांच में हरैया सीएचसी की तरह गोलमाल न हो जाए। कुछ दिनों पूर्व हरैया सीएचसी पर भी नसबंदी आपरेशन के दौरान एक बेड पर दो-दो महिलाओं को सुलाने का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले को भी अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो सीएमओ ने जांच का निर्देश दिया। यह जांच भी डॉ. परवेज ने किया था और अस्पताल प्रशासन को लापरवाही के मामले में क्लीनचिट दे दी थी। अब अहरौला सीएचसी मामले की जांच में क्या सामने आयेगा यह तो एक सप्ताह बाद ही पता चलेगा।