आजमगढ़। तेरह सूत्रीय मांगों को लेकर महिला आंगनबाड़ी संघ जनपद इकाई के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर बुधवार को एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया गया। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए प्रदेश सरकार पर उपेक्षात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
जिलाध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा सिंह ने कहा कि सरकार महिला उत्थान की बात करती है लेकिन आंगनबाडिय़ों की उपेक्षा कर रही है जो सरकार के रवैए को जाहिर कर रहा है। आंगनबाड़ी कर्मचारियों को 15 हजार और सहायिकाओं को 10 हजार रूपये मासिक मानदेय दिया जाए। आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को 15 दिन का मानदेय सहित चिकित्सावकाश और इलाज के लिए धनराशि की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि अपनी हक की लड़ाई के लिए आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को तैयार रहना होगा क्योंकि बिना संघर्ष के कुछ मिलने वाला नहीं है। रानी की सराय ब्लाक अध्यक्ष अंजू सिंह ने कहा कि शासन हमें जो मानदेय जारी करता है वह नाकाफी है। इसलिए हम शासन से वेतन सहित 13 सूत्री मांग उठा रहे हैं, लेकिन शासन की हठवादिता के कारण हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। हमारा करो या मरो का नारा है। भूखे मरते आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बच्चों के भविष्य को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री उचित कदम उठाएं। इस मौके पर वंदना मौर्या, सीमा सिंह, शीला सिंह, नीतू पांडेय, प्रतिमा सिंह, ऊषा सिंह, राधिका सिंह, पुष्पा सिंह, कुसुम उपाध्याय, रंभा, निर्मला, गीता, मंशा, ओमकला आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता सुमित्रा सिंह और संचालन द्रौपदी सिंह ने किया।