आजमगढ़। सरकार द्वारा की मानदेय वृद्घि को वादाखिलाफी करार देते हुए नाराज शिक्षामित्रों ने बुधवार को डा. अंबेडकर पार्क में धरना दिया। धरने के बाद शिक्षामित्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पर पहुंचे जहां उन्होंने रोड को जाम करते हुए सरकार के कैबिनेट प्रस्ताव की प्रतियां फूंकी। मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा।
संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित धरने में देवसी प्रसाद यादव और हरेंद्र सिंह ने कहा कि जि प्रदेश का मुखिया अपनी बातों से मुकर जाए उस प्रदेश का क्या होगा। मुख्यमंत्री से कई चरणों की वार्ता और गठित समिति से वार्ता के बाद भी तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है। ओमप्रकाश यादव और अनिल विश्वकर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा अपने संकल्प पत्र का गला घोटना और हमारे 17 वर्षों के त्याग को दरकिनार करना सरकार की हठधर्मिता है। रामप्रताप सिंह और कृष्ण मोहन उपाध्याय ने कहा कि शिक्षामित्र सरकार के आदेश को कत्तई स्वीकार नहीं करता है। इसके खिलाफ शिक्षामित्र अब आरपार की लड़ाई के लिए तैयार है। कैलाश यादव ने कहा कि 172000 शिक्षामित्र अपने परिवार के साथ सड़क से सदन तक संघर्ष करेगा। जय कुमार सिंह और अजय कुमार सिंह ने कहा कि अब तक सरकार ने हमारे अहिंसात्मक रवैए को देखा है। अब हम क्रांतिकारी आंदोलन के लिए तैयार हैं। जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकारी तंत्र की होगी। इस मौके पर राजेश यादव, सूर्य प्रकाश सिंह, विद्या भूषण, दुष्यंत यादव, सूर्य प्रताप प्रजापति, राम अवतार विंद, योगेंद्र पाल, अनीता सरोज, निर्मला, अरमा बानों, सुनीता आदि उपस्थित थे।