मेजवां। आजमगढ़ से दिल्ली तक जाने वाली कैफियात एक्सप्रेस (12225) को मऊ से चलाने के चर्चाओं पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने शुक्रवार को विराम लगाते हुए कहा कि यह ट्रेन आजमगढ़ से ही चलेगी। रेलमंत्री के इस फैसले से पूरे जिले में हर्ष का माहौल है।
बता दें कि उर्दू के मशहूर शायर कैफी आजमी के गीत संग्रह कैफियात के नाम पर आजमगढ़ से फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी के आग्रह पर वर्ष 28 सितंबर 2003 में तत्कालीन रेलमंत्री नितीश कुमार ने चलवाया था। खुद शबाना आजमी चार मार्च 2009 को कैफियात पर दिल्ली के लिए सफर किया था। कैफियात ट्रेन आजमगढ़ जिले के लिए वरदान साबित हुई। इधर इस ट्रेन को मऊ से चलाए जाने की चर्चाओं की खबर से जिले के विभिन्न संगठनों और लोगों में रोष था। जगह-जगह इसे लेकर प्रदर्शन भी किया गया। ट्रेन को मऊ से न चलाने के लिए पूरे जिले के लोगों ने एकजुटता दिखाई और इसके लिए धरना प्रदर्शन भी किया। इसकी जानकारी होने पर फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी ने जून में रेलमत्री सुरेश प्रभु को पत्र लिख कर कैफियात को मऊ से चलाने के आदेश को रद्द करने का आग्रह किया था। इस पर रेलमंत्री ने कैफियात को मऊ से चलाने की चर्चाओं पर विराम लगा दिया।
इस संबंध में फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी ने बताया कि कैफियात ट्रेन को मऊ से चलाने की बातों पर रेलमंत्री को पत्र लिखकर ट्रेन को आजमगढ़ से चलने देने का आग्रह किया था। रेलमंत्री ने मामले पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए कैफियात को मऊ से चलाने पर होल्ड लगा दिया है।