आजमगढ़, लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र की सीमा से बहने वाली घाघरा नदी अब घटने लगी है। नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटान भी तेज हो गई है। वहीं बाढ़ के पानी से घिरे चक्की गांव में बिमारियों ने भी अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं।
कई दिनों तक बढ़ाव पर रहने के बाद घाघरा नदी अब घटाव की ओर है। लेकिन नदी अभी तक डिघिया गेज पर खतरा बिंदू से एक सेमी ऊपर बह रही है। मंगलवार की शाम को बदरहुंआ गेज पर 71.40 मीटर और डिघिया गेज पर 70.41 मीटर दर्ज किया गया। जो बदरहुंआ गेज पर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 28 सेमी नीचे और डिघिया गेज पर खतरा बिंदू से 70.40 मीटर से एक सेमी ऊपर बह रही है। सोमवार की शाम चार बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.49 मीटर और डिघिया गेज पर 70.49 मीटर दर्ज किया गया था। कटान से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। मुराली के पुरवा से ग्रामीणों का पलायन जारी है। देवारा खास राजा गांव के चक्की में घाघरा की कटान रोकने के लिए ठोकर का निर्माण किया जा रहा है। चार ठोकर कटान को रोकने के लिए बनाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि ठोकर निर्माण हो जाने से चक्की गांव का अस्तित्व बच जाएगा । निर्माण कार्य में ईंट, बालू, बल्ली, बांस का प्रयोग किया जा रहा है। कैरेट में ईंट और बालू की बोरी डाली जा रही है। घाघरा नदी का कटान जारी देवारा खास राजा गांव के मुराली के पुरवा में जारी है। गांव के लालधर, परसन, जगदीश, तीर्थराज, राधेश्याम, लालवचन की आवासीय मड़ई रविवार की रात में ही कट गई। वहीं रामवृक्ष, लालधर, बद्री की मड़ई सोमवार की रात घाघरा नदी में विलीन हो गई। घाघरा नदी के कटान से ग्रामीणों में आक्रोश के साथ ही दहशत व्याप्त है।