अंबारी (आजमगढ़)। पवई विकास खंड के मकसुदिया गांव में मंगलवार को कोटे के प्रस्ताव के लिए बुलाई गई खुली बैठक में दूकान का चयन न होने से नाराज ग्रामीणों ने कर्मचारियों को बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंचे फूलपुर कोतवाल ने कर्मचारियों को मुक्त कराया। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ।
फूलपुर तहसील क्षेत्र के मकसुदिया गांव की सरकारी सस्ते गल्ले की दूकान को उपजिलाधिकारी ने 15 अप्रैल 2017 को अनियमितता मिलने पर निरस्त कर दिया था। मंगलवार को दूकान आवंटन को लेकर प्राथमिक विद्यालय मकसुदिया में खुली बैठक बुलाई गई। एडीओ पंचायत पवई बृजमोहन, ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेश प्रजापति, चंद्रशेखर, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राम दवर यादव और चौकी इंचार्ज राजेश उपाध्याय पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। दूकान के लिए दो लोगों का नाम प्रस्तावित किया गया। प्रधान पक्ष ने तीसरे व्यक्ति का नाम प्रस्तावित किया, जिसको लेकर लोग हंगामा करने लगे। इससे दूकान का चयन नहीं हुआ। ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों को नाराज देख प्रधान प्रतिनिधि खिसक लिए। आक्रोशित ग्रामीणों ने कर्मचारियों को बंधक बना लिया और प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों की मांग थी कि आज ही दूकान का चयन किया जाए। अंबारी चौकी इंचार्ज राजेश उपाध्याय कर्मचारियों को छुड़ाने में नाकाम रहे तो उन्होंने फूलपुर कोतवाली को जानकारी दी। सूचना मिलने पर फूलपुर कोतवाल रामायन सिंह दल बल के साथ मौके पर पहुुंचे और कर्मचारियों को मुक्त कराया। प्रर्दशनकारियों में राधिका चौहान, मो. फैजान उर्फ शेरू, मनोज यादव, रमेश, उषा, गुजराती, विजय नारायन, संजीव चौहान, विजय चौहान, विरेंद्र, अरुण आदि शामिल थे।