आजमगढ़। जून में मानसून आने के आसार हैं। लेकिन शहर के छोटे-बड़े नालों की अभी तक सफाई नहीं हो सकी है। अगर यही हाल रहा तो बरसात के दिनों में जल निकासी की समस्या होगी और इसका खमियाजा मुहल्लेवासियों को भुगतना पड़ेगा।
नगर पालिका परिषद आजमगढ़ में 25 वार्ड हैं। इन वार्डों में छोटे-बड़े 52 नाले हैं। इन नालों के माध्यम से मोहल्लों का पानी निकलता है। मई चल रही है। अगले माह के अंत में बारिश भी शुरू हो जाएगी। बरसात के दिनों में शहर में जलभराव की स्थिति न हो इसके लिए शासन की तरफ से 20 मई तक पूर्व शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई करने का निर्देश मिला है। समयसीमा बीतने में 18 दिन और शेष बचे हैं, लेकिन नगर पालिका अभी तक नालों की साफ सफाई नहीं करा पाई है। सिधारी, सिविल लाइन, पुरानी जेल, दलालघाट, मुकेरीगंज, हरबंशपुर, मड़या, रैदोपुर आराजीबाग, पांडेय बाजार आदि स्थानों पर नालों में कूड़ा भरा हुआ है। इन नालों की सफाई के लिए अभी तक नगर पालिका की जेसीबी नहीं उतरी है। पिछले वर्ष देखा जाय तो बरसात के दौरान सिधारी नाले की सफाई हो रही थी। अगर यही हाल रहा तो बरसात के दिनों में जल भराव से शहरवासियों को जूझना पड़ेगा।
धीमी गति से हो रही सफाई
नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि शहर में सफाई का काम चल रहा है। 20 मई से पहले इसको पूरा कर लिया जाएगा। देखा जाय तो अभी तक हरबंशपुर- बेइलसा नाला, सदर अस्पताल नाला, हरिऔध नगर से बिलरिया की चुंगी नाला की सफाई हो पाई है। इसके अलावा सदावर्ती, आसिफगंज, आराजीबाग, सिधारी मुहल्लों में छोटे नालों की सफाई हुई है।
शहर में छोटे-बड़े 52 नाले हैं, जेसीबी और पोकलेन से नालों की सफाई का काम चल रहा है। बहुत से जगहों पर नालों की सफाई हो चुकी है। अभी 20 मई तक का समय है। सभी नालों के सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा।- विवेक त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी।