आजमगढ़। मुख्य विकास अधिकारी और परियोजना निदेशक डीआरडीए के बीच सोमवार को हुए विवाद के बाद मंगलवार को भी सीडीओ के खिलाफ अधिकारियों और कर्मचारियों का धरना जारी रहा। लगभग एक बजे मुख्य विकास अधिकारी कर्मचारियों के पास पहुंचे और उनकी समस्याएं पूछीं। बैठक कर सभी की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद मिठाई खिलाकर धरने को स्थगित करा दिया गया। सोमवार को सीडीओ कमलेश कुमार सिंह और परियोजना निदेशक डीआरडीए दुर्गादत्त शुक्ल के बीच सांसद निधि की 50 लाख की दूसरी किस्त की फाइल को लेकर विवाद हो गया था। सीडीओ की केबिन में दोनों के बीच गाली-गलौज और कुर्सी तानने की बातें भी सामने आई थी। इसके बाद सीडीओ को हटाने की मांग को लेकर पीडी और डीडी रविशंकर राय के नेतृत्व में कर्मचारी विकास भवन में ही धरने पर बैठ गए थे। सीडीओ ने भी परियोजना निदेशक पर गाली-गलौज, अभद्रता करने और कमीशनखोरी करने का आरोप लगाकर सीबीआई जांच की मांग की थी। डीएम ने सोमवार को प्रकरण को सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन मंगलवार सुबह तहसील दिवस छोड़ पीडी डीडी शुक्ल और डीडीओ रविशंकर राय के नेतृत्व में कर्मचारी फिर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी होने लगी। मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार सिंह बूढ़नपुर में आयोजित तहसील दिवस में भाग लेने के लिए जा रहे थे तभी जिलाधिकारी का फोन आया और वह वहां से लौटकर विकास भवन पहुंचे। धरनारत कर्मचारियों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। जल्द बैठक कर निस्तारण करने का आश्वासन देकर और मिठाई खिलाकर धरने को समाप्त कराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई ऐसी बात नहीं थी कि धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कुछ बातों को बैठकर भी खत्म किया जा सकता है।
धरने ने प्रशासनिक नेतृत्व पर खड़े किए सवाल
आजमगढ़। भले ही मुख्य विकास अधिकारी और परियोजना निदेशक डीआरडीए के बीच सोमवार को हुए विवाद के बाद मंगलवार को धरना समाप्त हो गया, लेकिन प्रशासनिक नेतृत्व पर बड़ा सवाल खड़ा कर गया। लोगों के बीच दो दिन से यही चर्चा होती रही की ये आपस में लड़ रहे हैं, जनता का क्या होगा।
सचिवालय से ली गई सीडीओ-पीडी प्रकरण की जानकारी
आजमगढ़। जनपद में मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार सिंह और परियोजना निदेशक डीडी शुक्ल के बीच हुए विवाद की आंच शासन तक पहुंच गई है। मंगलवार को जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी को फोन कर सचिवालय से पूरे प्रकरण की जानकारी ली गई है। प्रकरण में कौन दोषी है इस बारे में भी पूछताछ की गई। इस संबंध में जिलाधिकारी से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जांच चल रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद जल्द ही इससे अवगत कराया जाएगा।