आजमगढ़। आरबीआई द्वारा बाजार में कई तरह के सिक्के उतारे गए हैं। इन्हीं में से एक है एक रूपये का छोटा सिक्का। लेकिन यही सिक्का अब लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। व्यापारी इन सिक्कों को लेने से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जो लोग हमें यह सिक्का दे रहे हैं वह लोग ही लेने से इंकार कर रहे हैं। हमारे पास काफी मात्रा में यह सिक्के जमा हो गए हैं हमारी समझ में नहीं आ रहा है कि हम इनका क्या करें।
यह कोई नहीं जानता कि कहां से अफवाह उड़ी कि एक रुपये का छोटा सिक्का बंद हो गया है। जिसका परिणाम हुआ कि बाजार में लोगों ने एक रूपये का छोटा सिक्का लेना ही बंद कर दिया। यहां तक कि व्यापारी भी यह सिक्का लेने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि लोग हमारे पास तो यह सिक्का दे जाते हैं लेकिन जब लेने की बात आती है तो वह इंकार कर देते हैं। जिसके कारण हमारे पास काफी मात्रा में एक रुपये के छोटे सिक्के जमा हो गए हैं। इसलिए हमने एक रुपये के छोटे सिक्कों को लेना बंद कर दिया है। जबकि आरबीआई या सरकार की ओर से इस तरह की कोई घोषणा नहीं की गई है कि एक रुपये का छोटा सिक्का बंद कर दिया गया है। हाल ही में संपूर्ण समाधान दिवस पर सगड़ी तहसील में दुकानदारों द्वारा एक रुपये का छोटा सिक्का न लेने के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के बाद एसडीएम सगड़ी को एक शिकायती पत्र भी सौंपा था।
व्यापार मंडल ठेकमा के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने कहा कि बाजार में द़ुकानदारों के पास काफी मात्रा में एक रुपये के सिक्के जमा हैं। लेकिन मैं तो लेता भी हूं और देता भी हूं। अगर कोई लेने से इंकार करता है तो मैं उसे 100 नंबर पर डायल कर पुलिस बुलाने की बात कहता हूं तो वह लेने पर राजी हो जाता है। इन सिक्कों को दुकानदारों ने लेना बंद नहीं किया है। लेकिन लोग वापस नहीं लेंगे तो व्यापारी क्या करेगा।
व्यापारी मुनेंद्र सिंह ने कहा कि मेरे पास एक रुपये के छोटे सिक्के लगभग 10 हजार रुपये के पड़े हैं। न तो कोई ग्राहक ही उसे लेरहा है और ना ही बैंक। ऐसे में समझ नहीं आ रहा कि इन सिक्कों का क्या करूं। इसलिए हमने भी अब ग्राहकों से इन सिक्कों को लेना बंद कर दिया है।
अगर कोई सिक्का लेने से इंकार करता है तो उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत करिए। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि सरकार या आरबीआई की ओर से सिक्कों के बंद होने की कोई घोषणा नहीं की गई है।
वीके गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व।