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बीएसए को क्लीनचिट, फिर भी सीडीओ करेंगे जांच

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आजमगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग के जाफरपुर स्थित गोदाम और बीआरसी केंद्रों पर पुरानी किताबें मिलने के मामले में बीएसए को क्लीनचिट मिल गई है। साथ इस प्रकरण की जांच सीडीओ को सौंपी गई है। जिलाधिकारी की कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को पीसी थी। जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग के जाफरपुर स्थित जूनियर हाईस्कूल में बने गोदाम और बीआरसी केंद्रों पर पुरानी किताबों के मिलने की भी बात उठ गई। इस पर जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने बेसिक शिक्षाधिकारी देवेंद्र पांडेय को क्लीनचिट दे दी। इसके साथ ही उन्होंने सीडीओ द्वारा मामले की जांच कराये जाने की भी बात कही। डीएम ने कहा कि पुरानी किताबें हर बार कुछ न कुछ बच जाती है। इस बार जो भी किताबें मंगाई जा रही है, उसके क्रय आर्डर में पुरानी बची लगभग 17800 किताबों को माइनस किया गया है। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग की कोई गड़बड़ी नजर में नहीं आ रही है। फिर भी किन परिस्थितियों में किताबें बांटी नहीं जा सकी इसकी जांच सीडीओ से करायी जायेगी। बेसिक शिक्षा विभाग इन किताबों का वितरण नयी किताबें आने पर कराने की योजना बनी होने की बात कह रहा है, इसके पीछे पुस्तकों को विद्यालयों पर भेजने के लिए होने वाले खर्च की बात कही जा रही है, लेकिन अभी कुछ दिनों पूर्व ही संस्कृत की किताब जिले में पहुंची तो उसका वितरण करा दिया गया। नये आये संस्कृत की किताबों के साथ इनका भी वितरण करा दिया जाना चाहिए था, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग ने ऐसा नहीं किया। वहीं गोदाम पर जांच को पहुंचे एसडीएम के समक्ष बीएसए ने रिकार्ड न होने और रिकार्ड को संबंधित शिक्षक द्वारा लेकर फरार हो जाने की बात कही गई थी, लेकिन इसके साथ ही 17800 पुस्तकों के बचे होने का आंकड़ा भी वे दे रहे है। बिना रिकार्ड के उन्हें यह आंकड़ा कहा से मिला, यह भी विचारणीय प्रश्न है।
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