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बिना जीपीएस मशीन के ही शुरू हुआ गन्ना सर्वेक्षण

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बूढ़नपुर (आजमगढ़)। जनपद में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए भले ही शासन- प्रशासन जी जान से लगा हुआ है। लेकिन वहीं विभाग के अधिकारी शासन और प्रशासन की मंशा पर पानी फेरने में जुटे हुए हैं। बूढनपुर तहसील क्षेत्र में आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ना सर्वेक्षण का काम जीपीएस द्वारा किया जाना था। लेकिन बूढनपुर, मखनहां, अतरैठ में बिना जीपीएस के ही सर्वे कराया जा रहा है। जबकि फुलवरिया, मदियापार, अहरौला, भेदौरा, अतरौलिया, छितौना, लोहरा, असिलाई, भैरोदासपुर, सिकहुला अन्य क्षेत्रों में अभी तक सर्वेक्षण शुरू नहीं हो पाया है। पड़ताल के नाम पर अधिकारियों द्वारा किसानों से प्रति खेत 1000 रुपये वसूले जा रहे हैं। अमारी, नंदना, पिपरी, रायपुर सहित अनेक गांव के किसानों का आरोप है कि पड़ताल के नाम पर हम किसानों को परेशान किया जा रहा है। जो किसान सुविधा शुल्क देने से मना कर रहे हैं उनका सर्वे नहीं किया जा रहा है। छोटे किसानों का भी सर्वे नहीं किया जा रहा है। कुछ किसानों की शिकायत है कि पेड़ी गन्ना का सर्वे किया जा रहा है लेकिन नई गन्ना किस्म के गन्ने का सर्वे नहीं किया जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए गन्ना विभाग द्वारा पोर्टल जारी किया गया है। जिससे किसान इंटरनेट द्वारा गन्ने का सर्वे, गन्ने की पर्ची, कैलेंडर, गन्ना भुगतान, जीपीएस सर्वे, एसएमएस सर्वे आदि समय से करा सकें। लेकिन विभाग द्वारा जारी पोर्टल पर बलरामपुर, हैदरगढ़, रोजागांव, मैजापुर, अकबरपुर, बभनान, कुंभी, खलीलाबाद, तुलसीपुर, मनकापुर, गुलरिया मिल का लिंक तो दिया गया है लेकिन सठियांव मिल का न तो लिंक है न तो कोई पोर्टल है। जबकि बूढनपुर समिति के लिए कुल 12 केंद्र बूढनपुर, फुलवरिया, मदियापार, अहरौला, बूढनपुर, भेदौरा, अतरौलिया, छितौना, लोहरा, असिलाई अतरैठ, भैरोदासपुर, मखनहां, सिकहुला बनाए गए हैं। लेकिन किसानों की सुविधा के लिए कोई पोर्टल नहीं है। अधिकारियों द्वारा गन्ना सर्वे किया जा रहा है। लेकिन जांच रिपोर्ट आनलाइन नहीं किया जा रहा है। गन्ना कटाई के समय में किसान को कैलेंडर जरूरत होती है जिससे पता चलता है कि किस पखवाड़े में किसान को पर्ची प्राप्त होगी। जिसकी जानकारी उक्त पोर्टल द्वारा उपलब्ध करायी जाती है। लेकिन कैेलेण्डर की जानकारी किसान नहीं प्राप्त कर सकता है। इतना ही नहीं उक्त पोर्टल पर कई लिंक दिए गए हैं जो महज छलावा लगा रहा है। विभाग द्वारा यह घोषणा की गई थी कि स्थानीय चीनी मिल सठियांव के तहत गन्ना क्षेत्रफल का सर्वे इस बार हैंड हेल्ड कंप्यूटर से होगा। यह सर्वे एक मई से शुरू होने की बात कही गई थी। जिसमें किसानों को अपने खेत में उपस्थित होकर गन्ना क्षेत्रफल का सर्वे कराए जाने को कहा गया था जो हवा-हवाई साबित हो रहा है। मुख्य गन्ना विकास अधिकारी राधेश्याम पासवान ने कहा कि इसकी शिकायत काफी किसानों ने की है जिसके लिए गन्ना पर्यवेक्षक व सर्वेयरों की मीटिंग बुलाई गई है। जिसमें किसी भी क्षेत्र के सर्वे में कमी पाई जाती है तो उस क्षेत्र के सर्वेयर और पर्यवेक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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