आजमगढ़। जागो युवा सेवा संस्थान के प्रयास के बाद आखिरकार लाचार और बेबस मां को घर की छत मिल ही गई। काफी मान-मनौव्वल और समझाने के बाद बेटा उसे वृद्धाश्रम से घर ले गया।
तीन माह पहले पवन मद्धेशिया पुत्र छेदी मद्धेशिया निवासी महाराजगंज ने अपनी विधवा मां सुमन मद्धेशिया के पैरों का उपचार कराने के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। इसके बाद मां से आने की बात कह लापता हो गया। शुक्रवार को जिला चिकित्सालय पहुंचे जागो युवा सेवा संस्थान के संयोजक विनीत सिंह रीशू और पवन सिंह शुक्रवार को मरीजों से मिल रहे थे कि उनकी मुलाकात रैन बसेरे में सुमन से हो गई। वृद्धा का दर्द सुनकर जेवाईएसएस की पूरी टीम ने महिला मंडल जनसेवा समिति को सूचित किया। महिला के पैरों में तीन माह से लगे प्लास्टर को काटा गया। महिला मंडल की अध्यक्ष पूनम सिंह ने शाल और स्वेटर देकर महिला को राहत प्रदान की। विनीत और पवन सिंह ने महिला को वृद्धा आश्रम में रखवाया। महिला के पैरों में महीनों से प्लास्टर लगा कर छोड़ दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग की अमानवीयता के कारण महिला जमीन पर रेंगती हुई चल रही थी। जेवाईएसएस के रिशू ने बताया कि काफी फोन करने पर भी बेटा उसे रखने के लिए नहीं माना। शनिवार को टीम सुबह महाराजगंज उसके घर पहुंची। महिला के पुत्र को मनाया। शनिवार को पवन मद्धेशिया वृद्धा आश्रम पहुंचा और मां को अपने साथ ले गया।