सरायमीर। स्थानीय इमानिया मस्जिद में सोमवार की रात मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को खिताब करते हुए हजरत मौलाना मुफ्ती मोहम्मद अहमदुल्लाह फूलपूरी नाजिम मदरसा इस्लामिया अराबिया बैतूल उलूम सरायमीर ने कहा कि आज का युवा वर्ग नबी के बताए हुए तौर तरीकों पर न चलकर यहूद के तौर तरीके को पसंद कर रहे है।
उन्होंने कहा कि आज हमारा रात और दिन अल्लाह की नाफरमानियों में गुजर रहा है। जिसकों लेकर लोग उलेमा-ए-एकराम को निशाना बनाते रहते है। एक दूसरे की चुगली करके लोग अपनी नेकियों को दूसरे के हक में डाल रहे है। अल्लाह ने हम सभी को बेशुमार नेमतों से नवाजा है। उन नेमतों की गिनती करना मुश्किल है। आज हमारे पास हर काम के लिए समय है लेकिन अल्लाह की इबादत के लिए नहीं है। हम सभी को गुनाहों से तौबा और बुरी संगत से बचने की जरुरत है, क्यों कि गुनाह करने से दिल पर काले धब्बे पड़ जाते है। वह इतना बढ़ जाता है कि एक दूसरे के लिए दिलों में हमदर्दी खत्म हो जाती है। जो लोग नबी के वसूलों की नाफरमानी करते है हमें ऐसे लोगों से भी बचने की जरुरत है और जितनी जल्दी हम अपने गुनाहों से तौबा कर लेंगे उतना ही अच्छा होगा, बाद में पछताने पर कुछ हाथ लगने वाला नहीं। मजलिस की शुरुआत कारी हुसैन अहमद साहब की तिलावत से हुई। इस अवसर पर मदरसा के नायब नाजिम मौलाना जमाल अनवर, मौलाना इलियास, हाफिज कलीमुल्लाह, मौलाना नबी हसन, शिक्षक सहित सैक ड़ों लोग मौजूद रहे।