आजमगढ़। राज्य पोषण मिशन के तहत कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की जांच कर उन्हें जिला अस्पताल में बने केंद्र में भर्ती कर उपचार कराना था, लेकिन जनपद में अति कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।
आंगनबाड़ी और सहायिकाओं की हड़ताल के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। लगभग डेेढ़ माह से चल रही हड़ताल के कारण जिले में 5121 नए बच्चे अति कुपोषित की श्रेणी में आ गए हैं। लेकिन जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी को इस संबंध में कोई जानकारी ही नहीं है।
विभागीय आंकड़े देखें तो जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या 104939 और अति कुपोषित बच्चों की संख्या 39771 है। इसके पूर्व हुई जांच में अति कुपोषित बच्चों की संख्या 34650 थी।
आंगनबाड़ी और सहायिकाओं की हड़ताल के बाद अतिकुपोषित बच्चों के आंकड़े में 5121 की वृद्धि हो गई है। क्योंकि बच्चों को पोषाहार का वितरण नहीं हो पा रहा है।
ब्लाकवार अति कुपोषित बच्चों की स्थिति देखें तो अहरौला में 0-3 वर्ष में 1028 और 3-5 वर्ष के बीच 601, अतरौलिया में 0-3 वर्ष के बीच 759 और 3-5 वर्ष के बीच 428, अजमतगढ़ में 0-3 के बीच 1135 और 3-5 के बीच 593, हरैया में 0-3 के बीच 1098 और 3-5 वर्ष के बीच 617, जहानागंज में 0-3 के बीच 847 और 3-5 के बीच 501, लालगंज में 0-3 के बीच 1557 और 3-5 के बीच 895,
मार्टीनगंज में 0-3 वर्ष के बीच 1206 और 3-5 वर्ष के बीच 611, मिर्जापुर में 0-3 के बीच 1162 और 3-5 के बीच 746, मुहम्मदपुर में 0-3 के बीच 993 और 3-5 के बीच 682, पल्हनी में 0-3 के बीच 1034 और 3-5 के बीच 567, पवई में 0-3 के बीच 1097 और 3-5 के बीच 642, तरवां में 0-3 के बीच 1192 और 3-5 के बीच 651,
पल्हना में 0-3 के बीच 590 और 3-5 के बीच 288, बिलरियागंज में 0-3 के बीच 1224 और 3-5 के बीच 635, कोयलसा में 0-3 के बीच 1169 और 3-5 के बीच 923, महराजगंज में 0-3 के बीच 1241 और 3-5 के बीच 685, मेंहनगर में 0-3 के बीच 890 और 3-5 के बीच 675, आजमगढ़ नगर में 0-3 के बीच 496 और 3-5 के बीच 250,
फूलपुर में 0-3 के बीच 1247 और 3-5 के बीच 739, रानी की सराय में 0-3 के बीच 1153 और 3-5 के बीच 664, सठियांव में 0-3 के बीच 1494 और 3-5 के बीच 741, तहबरपुर में 0-3 के बीच 1286 और 3-5 के बीच 595 और ठेकमा विकास खंड में 0-3 वर्ष के बीच 1296 और 3-5 वर्ष के बीच 848 बच्चे अति कुपोषित पाए गए हैं।
मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है मैं नहीं बता सकता। मैं मीटिंग में लखनऊ आया हुआ हूं। -पवन कुमार यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी।