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Azamgarh News: कोलघाट पर पटरे का अस्थायी पुल बनाकर अाते-जाते हैं 5000 लोग

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बांस-बल्ली के सहारे बना दाउदपुर-ककरहटाकोल घाट पर बना पुल। संवाद
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दाउदपुर-ककरहटा कोलघाट पर तमसा नदी पर स्थायी पुल नहीं होने से आसपास के सात गांवों के करीब 5000 लोग रोजाना जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
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आजमगढ़ सदर और मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाले इस मार्ग पर लोग बांस-बल्ली-पटरे से बने अस्थायी पुल चह के सहारे नदी पार करते हैं। बरसात में यह पुल बह जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है।
तमसा नदी के एक ओर पल्हनी विकास खंड और दूसरी ओर सठियांव विकास खंड है। पल्हनी के चिंवटहीं, सलारपुर, दाउदपुर, भीतरी मंझरिया तथा सठियांव के ककरहटा कोलघाट, मनचोभा और उकरौड़ा सहित कई गांवों के लोग इसी रास्ते से आजमगढ़ शहर और मुबारकपुर आते-जाते हैं। प्रतिदिन सुबह से देर रात तक हजारों लोग इस अस्थायी पुल का उपयोग करते हैं।
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सबसे अधिक परेशानी आपात स्थिति में होती है। बीमार या गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में काफी समय लग जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर इलाज न मिलने से कई मरीजों की जान भी जा चुकी है।
हर वर्ष बाढ़ में ‘’चह’’ बह जाता है। इसके बाद स्थानीय लोग और संचालक मिलकर डेढ़ से दो लाख रुपये खर्च कर दोबारा इसका निर्माण कराते हैं। इसके बावजूद लोगों को हर बार नदी पार करने के लिए 50 से 60 रुपये का शुल्क देना पड़ता है।
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