आजमगढ़। 50 साल पुराना मेहनाजपुर उपकेंद्र का भवन अब जर्जर हो चुका है। यह गिरने के कगार पर पुंच चुका है। भवन में कार्यरत कर्मचारी हमेशा किसी अनहोनी की आशंका से सहमे रहते हैं। भवन की स्थिति इतनी खराब है कि बरसात में यहां जल भराव हो जाता है, इससे न केवल बिजली आपूर्ति बाधित होती है बल्कि पूरे भवन में पानी टपकने लगता है। यहां तक कि फीडर कक्ष में भी पानी रिसता रहता है, इससे सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरा हो गया है। मेहनाजपुर उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर अरुण कुमार यादव ने बताया कि यह भवन जर्जर हो चुका है। यहां पांच स्थाई कर्मचारी हैं, जिनके आवासीय कमरे भी असुरक्षित और क्षतिग्रस्त हो हैं। दीवारें और छतें कभी भी गिर सकती हैं। इससे कर्मचारी भयभीत रहते हैं। इसके बावजूद भी वे इस भवन में रहने को मजबूर हैं, क्योंकि अब तक भवन की मरम्मत नहीं कराई गई है। ना ही किसी नई बिल्डिंग में उन्हें शिफ्ट ही किया गया है। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से अपील की है कि उपकेंद्र की स्थिति को गंभीरता से ली जाए। जल्द से जल्द भवन का फिर से निर्माण कराया जाए, ताकि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रहे।