गुरुवार को भी घाघरा के जलस्तर में बढोतरी दर्ज की गई। घाघरा खतरे के निशान से बदरहुवा में 47 और डिघिया में 83 सेमी ऊपर बह रही घाघरा एक दर्जन ग्राम सभाओं में बाढ़ का पानी घुस चुका है। 100 पुरवे प्रभावित हैं। बाढ़ से 50 हजार की आबादी घिर चुकी है। नाव की कमी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डिघिया गेज पर खतरे के निशान 70.40 सेमी और बदरहुवा में 71.68 सेमी है। बुधवार शाम चार बजे बदरहुवा में घाघरा 72.17 और डिघिया में 71.25 सेमी पर बह रही थी। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे बदरहुवा में घाघरा 72.15 सेमी और डिघिया में 71.23 सेमी पर बह रही थी। बदरहुवा में घाघरा खतरे के निशान से 47 सेमी और डिघिया में 83 सेमी ऊपर बह रही है। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर में बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की समस्या बढ़ गई है।
पशुओं का चारा लाने और जरूरत की सामग्री एकत्र करने में बड़ी असुविधा हो रही है। प्रशासन की ओर से सिर्फ चार नाव लगाई गई है। लेकिन ये नाकाफी साभित हो रही हैं। बाढ़ के पानी से शंकरपुर, कुड़ही, मगरहवा, रसूलपुर, देवीपुर ,बीबीपुर, चेरा कटघरा, हैदराबाद, रोशनगंज, इस्माइलपुर, उर्दिहा, अजगरा, आराजी अजगरा, मगरवी, झनझनपुर, मानिकपुर, शाहडीह, सोनौरा, हाजीपुर, देवारा खास राजा, चक्की गांव घिरे हुए हैं।
उधर लाटघाट संवाददाता के ्अनुसार रौनापार थाना क्षेत्र के हैदराबाद गांव निवासी नीरज मौर्य (18) पुत्र रामानंद मौर्य को बुधवार रातल दो बजे सर्प ने डंस लिया। अस्पताल पहुंचने के लिए कोई साधन न होने से युवक ने घर पर ही दम तोड़ दिया। दरअसल घर चारों तरफ से पानी से घिरा हुआ है। नाव के अभाव में परिजन उसको लेकर बंधे तक नहीं पहुंच सके। जिससे समुचित उपचार नहीं कराया जा सका।