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छात्रवृत्ति घोटाले में 50 प्रबंधक तलब

Sat, 13 Jan 2018 12:26 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
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scholarship scam
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समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में हुए छात्रवृत्ति घोटाला में जिलाधिकारी की ओर से 16 जनवरी की शाम को जांच अधिकारियों और 50 स्कूल-कालेजों को प्रबंधकों को तलब किया है।
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2007-08 से 2013-14 के दौरान जारी की गई छात्रवृत्ति से संबंधित कालेजों का डिमांड लिस्ट और डीआईओएस का कवरिंग लेटर अल्पसंख्यक कल्याण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को साथ लाने को कहा गया है। न लानेे की दशा में संबंधित बाबुओं के खिलाफ एफआईआर के बाद ही बैठक में आने को कहा गया है।

तमाम कोशिशों के बाद भी समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में हुए लगभग 50 करोड़ के छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति घोटाले में 50 स्कूल-कालेजों की जांच कर रहे सभी 10 अधिकारी अभी तक फाइनल रिपोर्ट समाज कल्याण अधिकारी को नहीं दे पाए हैं।
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जांच अधिकारियों और स्कूल कालेज प्रबंधकों की पिछली बैठक में 2007-08 से 2013-14 के रिकार्ड संबंधित बाबुओं की ओर से उपलब्ध न कराने पर जिलाधिकारी ने विभागाध्यक्षों से उनके खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए गए थे।

इसमें समाज कल्याण अधिकारी की ओर से तत्कालीन लिपिक गंगा सागर राय और डीआईओएस की ओर से लिपिक धर्म सिंह के खिलाफ तहरीर दी जा चुकी है। शेष विभाग कार्रवाई से पल्ला झाड़े बैठे थे, जबकि धनराशि की गबन सिर्फ समाज कल्याण विभाग का न होकर अल्पसंख्यक कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का भी हुआ है।

डिमांड लिस्ट नहीं की गई वेरीफाई
आजमगढ़। विभागीय सूत्रों की मानें तो छात्रवृत्ति के लिए कालेजों की ओर से छात्र संख्या के आधार डिमांड लिस्ट सोशल सेक्टर के संबंधित विभाग को भेजी जाती थी। सामान्य और अनुसूचित जाति की डिमांड लिस्ट समाज कल्याण, पिछड़ी जाति की पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और अल्पसंख्यकों की अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में जाती थी।

कालेजों में छात्रों की पंजीकरण 75 छात्रों का होता था तो डिमांड लिस्ट एक हजार छात्रों की भेज दी जाती थी। संबंधित विभाग को इसे डीआईओएस कार्यालय में भेज कर वहां पर दर्ज छात्रों के पंजीकरण संबंधी दस्तावेज से वेरीफाई कराना होता था। लेकिन इसे बिना वेरीफाई वैसे ही संबंधित विभागों को भेज दिया जाता था। इससे कालेजों को अधिक रकम जारी हो जाती थी।

छात्रवृत्ति गबन में शामिल सभी विभागों के अधिकारियों को 2007-08 से 2013-14 के दौरान छात्रवृत्ति के लिए कालेजों की ओर से भेजी गई डिमांड लिस्ट और तत्कालीन डीआईओएस के कवरिंग लेटर के साथ बुलाया गया है। रिकार्ड न मिलने पर संबंधित पटल सहायक के खिलाफ एफआईआर कराके ही बैठक में आने के निर्देश दि गए हैं। -चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
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