जिले में हजारों परिवार छत पाने को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। वहीं गजहड़ा और मेंहनगर स्थित कांशीराम आवास योजना फेस-3 के तहत बने 482 आवास 13 वर्षों से खाली हैं। अब शासन ने इन आवासों की मरम्मत कराकर पात्रों को आवंटित करने का निर्णय लिया है।
इन आवासों का निर्माण वर्ष 2012-13 में हुआ था, लेकिन न तो इनका आवंटन हुआ और न ही इनमें बिजली, पानी व अन्य बुनियादी सुविधाएं दी गईं। समय-समय पर इन आवासों के आवंटन की मांग उठती रही, लेकिन कोई सार्थक पहल नहीं हो सकी। अब शासन ने लोक निर्माण विभाग, जल निगम और विद्युत विभाग से संयुक्त रूप से मरम्मत और सुविधा कार्य का एस्टीमेट मांगा है। बिना बिजली-पानी की सुविधा के कुछ लोग आवास में अवैध रूप से रह रहे हैं। मोमबत्ती और सोलर टॉर्च के सहारे रात बिताते हैं। हैंडपंप से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं। विवेक त्रिपाठी, प्रभारी पीओ डूडा। ने बताया किएफोर्डेबूल रेंटल हाउसिंग गांप्लेक्स योजना में इन्हें शामिल करने के लिए शासन को पत्रावली भेजी गई है। शासन से आदेश आने पर फ्लैट आवंटित किया जाएगा।