फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Azamgarh News: 25 दिनों में जल चुके 450 ट्रांसफाॅर्मर

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। जिले में ट्रांसफार्मरों के जलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अगस्त में 25 दिनों में 450 ट्रांसफाॅर्मर जल चुके हैं। हालांकि इधर मौसम ठीक होने से विभाग को कुछ राहत मिली है। क्योंकि प्रतिदिन ट्रांसफाॅर्मरों के जलने का औसत 18 पर आ गया है। वर्तमान समय में वर्कशॉप में तैयार ट्रांसफाॅर्मर खत्म हो चुके हैं। प्रतिदिन औसतन 35 ट्रांसफॉर्मर बन रहे और इतने ही भेजे जा रहे हैं। जिले में अभी भी विभिन्न इलाकों में जले 60 ट्रांसफॉर्मर बदले जाने हैं।
विज्ञापन

जिले में विभिन्न भार के 6.90 लाख उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति के लिए विभिन्न क्षमता के 40 हजार से अधिक ट्रांसफाॅर्मर लगाए गए हैं। अप्रैल से जून तक भीषण गर्मी में प्रतिनिधि ट्रांसफॉर्मरों के जलने का औसत 40 से ऊपर पहुंच गया था। इधर, औसतन 25 ट्रांसफाॅर्मर जल रहे थे लेकिन तीन -चार दिनों से मौसम ठीक होने से औसत घटकर 18 पर आ गया है। वर्तमान समय में वर्कशॉप में तैयार ट्रांसफाॅर्मर नहीं बचे हैं। प्रतिदिन जितने ट्रांसफाॅर्मर तैयार हो रहे हैं, उतने लगाने के लिए भेजे जा रहे हैं। एक ट्रांसफार्मर को बदलने में हफ्ते से दस दिन का समय लग जा रहा है। जबकि पहले ऐसा नहीं था क्योंकि वर्कशॉप में ट्रांसफाॅर्मर रहते थे और शिकायत के बाद समय से बदल दिए जाते थे।
कई गांवों में ट्रांसफाॅर्मर लगने के बाद तुरंत जलने की भी शिकायतें आ रही हैं। इस कारण ट्रांसफाॅर्मरों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि विभाग ट्रांसफाॅर्मरों के जलने का कारण ओवरलोडिंग बता रहा है।
विज्ञापन

00
दो माह में चार बार जले ट्रांसफॉर्मर
ठेकमा ब्लाॅक के जमुआवां गांव में 63 केवीए का ट्रांसफाॅर्मर दो माह में चार बार जल चुका है। पांचवीं बार लगे ट्रांसफाॅर्मर से बिजली आपूर्ति की जा रही है। गांव के प्रधान बेचू मौर्य ने कहा कि बार-बार घटिया क्वालिटी का ट्रांसफाॅर्मर लगा दिया जा रहा था। सठियांव क्षेत्र के पियरोपुर में एक सप्ताह के भीतर 63 केवीए का ट्रांसफाॅर्मर दो बार जल गया। ग्रामीण दिनेश, हरिकेश ने बताया कि दूसरा ट्रांसफाॅर्मर लगने के एक दिन बाद ही जल गया। यही हाल बरदह क्षेत्र के कुड़िहर गांव में लगे ट्रांसफाॅर्मर का भी रहा संवाद
00
इधर तीन चार दिनों से मौसम में नरमी के कारण प्रतिदिन औसतन 18 ट्रांसफाॅर्मर जल रहे हैं। इसके पहले अधिक जलते थे। वर्कशॉप में पहले से तैयार ट्रांसफाॅर्मर नहीं हैं। प्रतिदिन जितने ट्रांसफाॅर्मर गुणवत्ता के साथ तैयार किए जा रहे हैं, उतने भेजे जा रहे हैं। बार-बार ट्रांसफाॅर्मरों के जलने का कारण अधिक ओवरलोडिंग है। - मो. जाहिद सिद्दीकी, एसडीओ वर्कशॉप।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें