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Azamgarh News: फुंक रहे 45 और बन रहे सिर्फ 30 ट्रांसफार्मर

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जिले में ट्रांसफार्मरों का फुंकना कम नहीं हो रहा है। हाल यह है कि कई गांवों में तो फुंके ट्रांसफार्मरों के स्थान पर दूसरा ट्रांसफार्मर लगाने में विभाग को एक पखवाड़े का समय लग जा रहा है। 20 जुलाई तक जिले में 893 ट्रांसफार्मर फुंक गए। प्रतिदिन के हिसाब से देखा जाय तो औसतन 45 ट्रांसफार्मर रोज फुंक रहे हैं। जून की अपेक्षा जुलाई में करीब सात से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान नीचे आया है। लेकिन ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग की समस्या बनी हुई है। इसके पीछे का कारण यह है कि विद्युत आपूर्ति के लिए जो ट्रांसफार्मर लगाए गये हैं, वह दशकों पहले के हैं। समय के साथ कनेक्शनों की संख्या बढ़ने से ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ता गया लेकिन ट्रांसफार्मरों की क्षमता नहीं बढ़ी। जिसके कारण ओवरलोड से आए दिन ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। हाल यह है कि कई गांवों में हफ्तों बाद भी ट्रांसफार्मर लग नहीं पा रहा है। जुलाई के आंकड़ों पर गौर किया जाय तो 20 जुलाई तक जिले में ओवरलोड से 893 ट्रांसफार्मर फुंक गए। वहीं, 19 जुलाई को 62 ट्रांसफार्मर फुंके। अभी इस माह में दस दिन शेष हैं। ऐसे में प्रतिदिन औसतन 45 ट्रांसफार्मर रोज फुंक रहे हैं। जबकि वर्कशाप की 30 से 35 ट्रांसफार्मर बनाने की ही क्षमता है। वर्कशाप में मरम्मत ट्रांसफार्मरों की मरम्मत की क्षमता कम होने और इसके सापेक्ष अधिक ट्रांसफार्मरों के फुंकने से बहुत से जगहों पर निर्धारित समय पर ट्रांसफार्मर लग नहीं पा रहे हैं।
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