परिषदीय विद्यालयों में आए दिन फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। इस फर्जीवाड़े को जड़ से मिटाने के लिए विद्यालयों में तैनात समस्त शिक्षकों के अभिलेख दोबारा सत्यापन के लिए संबंधित विश्वविद्यालय एवं कालेजों को भेजे गए हैं। सत्यापन प्रक्रिया चल रही है। यदि फर्जी तरीके से कोई नौकरी कर रहा है तो इस सत्यापन के बाद नहीं बचेगा।
पहले भी मिल चुके हैं कई फर्जी शिक्षक
आजमगढ़। संपूर्णानंद संस्कृत विवि के फर्जी अभिलेख के आधार पर नौकरी पाने के मामले पहले भी जिले में कई बार सामने आ चुके हैं। दो साल पहले 14 शिक्षकों को ऐसे ही प्रकरण में बर्खास्त किया गया था। इसमें ठेकमा में कई ऐसे मामले सामने आए थे। अब 43 और शिक्षकों को चिह्नित किया गया है।
जिले में जितने भी शिक्षक तैनात हैं सभी का अभिलेख सत्यापन कराने के लिए संबंधित कालेजों और विश्वविद्यालयों में भेजा गया है। जिसमें संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की डिग्री पर नौकरी करने वाले शिक्षकों का भी डाटा शामिल था। उनमें भी कई शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले हैं। हालांकि अभी सूची उपलब्ध नहीं हो सकी है। फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वाले सभी शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही आहरित की गई धनराशि की रिकवरी होगी।
अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़।