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शिक्षक नेता शैलेश राय समेत पांच शिक्षक व कर्मियों पर गिरी गाज

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आजमगढ़। डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा ने शुक्रवार को बोर्ड परीक्षा कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण के दौरान एक विद्यालय पर तीन शिक्षक व दो शिक्षणेत्तर कर्मचारी अनुपस्थित मिले थे। डीआईओएस ने इन पर कार्रवाई की संस्तुति की है। पांचों शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों का एक दिन का वेतन रोकते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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बोर्ड परीक्षा सात फरवरी से शुरू हो चुकी है। इसके एक दिन पूर्व छह फरवरी को शहर से सटे गांधी गुरुकुल इंटर कालेज भंवर नाथ का डीआईओएस ने औचक निरीक्षण कर परीक्षा की तैयारियों का हाल जाना। प्रधानाचार्य मुन्नू यादव कुछ कर्मचारियों के साथ तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे थे लेकिन विद्यालय पर तैनात शिक्षक नेता शैलेश कुमार राय, रविंद्र कुमार पांडेय, प्रवीण कुमार सरोज के साथ ही परिचारक अजय कुमार शुक्ला व सहायक लिपिक राम सिंह अनुपस्थित थे। उपस्थिति पंजिका पर लिपिक का आकस्मिक अवकाश तो लिखा था लेकिन कोई प्रार्थना पत्र मौजूद नहीं था। वहीं अन्य तीनों शिक्षक व परिचारक उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर कर के लापता थे। इस पर डीआईओएस ने सभी का एक-एक दिन का वेतन अवरुद्ध करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही इन कर्मियों को प्रधानाचार्य व प्रबंधक के माध्यम से अपना स्पष्टीकरण 12 फरवरी तक देने को कहा है। डीआईओएस ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बोर्ड परीक्षा में किसी भी तरह का असहयोग करने वाले शिक्षकों व कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीआईओएस ने गुरुवार को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भीमबर का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय बंद मिला और विद्यालय पर मात्र एक परिचारक प्रद्युम्न राय ही मौजूद थे। उपस्थिति पंजिका देखने पर ज्ञात हुआ कि प्रधानाचार्या आशा देवी चार फरवरी से ही अनुपस्थित है। कोई अवकाश आवेदन विद्यालय पर नहीं थी। राकेश कुमार सिंह छह फरवरी को अनुपस्थित थे। वरिष्ठ लिपिक शिव प्रसाद राय, दफ्तारी सुग्रीव यादव, माली अमरजीत, परिचारक नेहा राय गुरुवार को अनुपस्थित मिले। वहीं परिचारक हरेंद्र बहादुर सिंह निरीक्षण के दौरान विद्यालय पर पहुंचे। यहां भी अनुपस्थित सभी कर्मियों का अनुपस्थिति की तिथि का वेतन अवरूद्घ करते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है।
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