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शिक्षिका गैंगरेप को लेकर सपा ने किया आंदोलन का एलान

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आजमगढ़। समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक पार्टी कार्यालय पर जिलाध्यक्ष हवलदार यादव की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान जनपद में हो रही आपराधिक घटनाओं पर चर्चा हुई। जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि भाजपा शासन में बलात्कार, चोरी, छिनैती जैसी घटनाओं की बाढ़ आ गई है। रानी की सराय में शिक्षिका का अपहरण और सामूहिक बलात्कार के मामले में पुलिस साक्ष्य को ही समाप्त कर मुकदमे को खत्म कर रही है। इसके विरोध में चार दिसंबर को कैंडल मार्च, 10 को पार्टी अन्य संगठनों के साथ थाना रानी की सराय पर धरना-प्रदर्शन करेगी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस पीड़िता के पूरे परिवार को टार्चर कर भयभीत कर दिया है। लड़की की हालत गंभीर है। पुलिस सत्तापक्ष के दबाव में मुकदमे का निस्तारण कर रही है। विधायक आलमबदी आजमी ने कहा कि रानी की सराय की घटना बहुत ही गंभीर और संवेदनशील है। शिक्षिका के साथ अन्याय हुआ है। विधायक कल्पनाथ पासवान ने कहा कि पीड़िता दलित समाज से है। इसीलिए उसके साथ अन्याय हो रहा है। विधायक डा. संग्राम यादव, नफीस अहमद और एमएलसी राकेश यादव ने कहा कि यह गंभीर मामला है। सपा न्याय दिलाने के लिए सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष करेगी। रविवार को सपा का प्रतिनिधिमंडल डीएम और एसपी से मिलकर वस्तुस्थिति से अवगत कराएगा। संचालन जिला महासचिव हरिप्रसाद दुबे ने किया। बैठक में आदिल शेख, एमएलसी कमला प्रसाद यादव, जयराम सिंह पटेल, अखिलेश यादव, विजय यादव, चन्द्रशेखर यादव, हरिश्चन्द्र यादव, हरिराम सिंह यादव, रामदरश यादव, हंसराज यादव, वीरेन्द्र यादव, वर्मन यादव, अशोक यादव, रामआसरे चौहान, राजनरायन यादव, लालमनि राजभर, शिवनरायन सिंह, रामानुज सिंह, रामप्रवेश यादव, राजेश यादव, तेजबहादुर यादव, राजाराम सोनकर थे।
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सीओ मधुबन को सौंपी गई गैंगरेप की जांच
आजमगढ़। रानी की सराय थाना क्षेत्र में 16 नवंबर को ट्यूशन से घर लौट रही प्राइवेट शिक्षिका को स्कार्पियो सवार चार युवकों द्वारा अपहरण कर चलती गाड़ी में गैंगरेप करने की जांच शुक्रवार की शाम को डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र विजय भूषण ने मऊ जिले के मधूबन सीओ श्वेता आशुतोष ओझा को सौंप दी है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित परिवार और प्रभारी निरीक्षक रानी की सराय के प्रार्थना पत्रों पर गौर करने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
रानी की सराय थाना क्षेत्र की रहने वाली 24 वर्षीय युवती प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती और ट्यूशन करती है। 16 नवंबर की शाम को वह पैदल घर लौट रही थी। युवती का आरोप है कि रास्ते में स्कार्पियो सवार चार युवक उसे अगवा कर चलती कार में गैंगरेप किया और गाड़ी से नीचे फेंककर फरार हो गए। 17 नवंबर को तहरीर मिलने पर पुलिस मामले की जांच पड़ताल सहित अन्य कार्रवाई में जुट गई। 22 नवंबर को एसपीसिटी कमलेश बहादुर ने घटना का खुलासा कर दिया। उनके मुताबिक युवती अपने दिव्यांग पति से छुटकारा पाने के लिए यह झूठी कहानी रची है। पुलिस के इस खुलासे पर परिजनों ने सवाल खड़े कर दिए थे। सत्ताधारी दल के दबाव में झूठा बयान दिलवाने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही पुलिस पर धमकाने के भी आरोप लगे थे। पीड़िता अपने साथ गैंगरेप का आरोप दोहरा रही थी। राजनीतिक दल और अन्य संगठन के लोग भी पीड़ितों के पक्ष में खड़े होकर हर संभव लड़ाई के लिए समर्थन दे रहे हैं। इसी क्रम में परिवार की तरफ से मंडलायुक्त से शिकायत कर विवेचना किसी दूसरे अधिकारी से करने की बात कही गई। साथ ही प्रभारी निरीक्षक रानी की सराय शिवशंकर सिंह ने भी डीआईजी से विवेचना किसी और से कराने की गुहार लगाई थी। शुक्रवार की शाम को डीआईजी परिक्षेत्र विजय भूषण ने पूरे मामले की जांच मऊ जिले के सीओ मधूबन श्वेता आशुतोष ओझा को जांच सौंप दिया। साथ ही जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी है।
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