अहरौला। क्षेत्र में धान खरीद के लिए बना बनाए गए पीसीएफ के चार केंद्रों पर खरीद न होने की शिकायत पर जांच के लिए डिप्टी आरएमओ मंगलवार को केंद्रों पर पहुंचे। इस दौरान शिकायत सही मिलने पर केंद्र प्रभारियों को जमकर हड़काया। एफआईआर कराने और जेल भेजने की चेतावनी दी। ये सुनकर केंद्र प्रभारी की तबियत बिगड़ने लगी। किसानों की ओर से भी केंद्र प्रभारी को माफ करने की गुजारिश के बाद उन्हें खरीदारी करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इन केंद्रों पर खरीद न होने का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ उठाया था। अहरौला क्षेत्र में धान खरीद के लिए पीसीएफ के चार केंद्र हसामतलूबपुर, रेड़हा, खजुरी और बिलारी में खोले गए हैं। इन केंद्रों पर धान की खरीद नहीं की जा रही है। शनिवार को किसानों ने खरीद न होने पर हसामतलूबपुर क्रय केन्द्र पर प्रदर्शन भी किया था। मंगलवार को मामले की जांच के लिए डिप्टी आरएम आरपी पटेल हासामतलूबपुर क्रय केन्द्र पर पहुंचे। किसान पहले से ही डटे थे। सूचना पाकर केंद्र प्रभारी चंद्रभान यादव भी पहुंचे। डिप्टी आरएमओ किसान आवास में सीमेंट रखने और केंद्र के आसपास गंदगी देख भड़क गए और केन्द्र प्रभारी को जमकर लताड़ लगाई। जेल भेजने और एफआईआर की चेतावनी दी। किसानों ने भी उन्हें बख्शने की मांग की। डिप्टी आरएमओ ने एडीओ कोआपरेटिव संजय यादव को तलब किया और फटकार लगाई। कहा कि खरीद में एडीओ कोआपरेटिव की लापरवाही की रिपोर्ट डीएएम और शासन को भेजी जाएगी। डिप्टी आरएमओ ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक को केंद्र प्रभारियों को बोरा और पैसा समय से उपलब्ध कराने को कहा। इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष बालमुकुंद सिंह, किसान गजेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, राकेश सिंह, लक्ष्मी चौबे, अप्पू सिंह, बेचन सिंह, शक्ति सिंह आदि मौजूद रहे।