फरिहां। गांव में रहस्यमयी बुखार से चार लोगों की मौत की सूचना पर की सूचना पर गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों की जांच की। दो लोगों को ब्लड सैंपल भी लिए गए। गांव में दवा का छिड़काव भी कराया गया और क्लोरीन की गोलियां भी बांटी गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी में भी डेंगू की पुष्टी नहीं की हुई है।
रानी की सराय ब्लाक की फरिहा गांव पिछले एक पखवाड़े से रहस्यमयी बुखार की चपेट में था। एक के बाद एक गांव में चार लोगों की मौत हो चुकी थी। मरने वालों में त्रिलोकी मौर्या (32) पुत्र झिनकू मौर्या, हसीना (40) पत्नी सत्तार, अरसलान (12) पुत्र असलम और समीर (11) पुत्र मुश्ताक शामिल थे। इसमें समीर की मौत बुधवार को ही हुई ती। एक बालिका ज्योती यादव का गांव के ही प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज चल रहा है। प्राइवेट जांच में इसे डेंगू बताया गया था। चार मौत और गांव में डेंगू के प्रकोप की बात सुनकर लोग दहशत में थे। गुरुवार को सीएससी रानी की सराय के प्रभारी संजय यादव के नेतृत्व में गांव पहुंची टीम ने ग्रामीणों की जांच की। दो लोग विनोद और सलीम बुखार से पीड़ित मिले जिनका ब्लड सैंपल लिया गया। उन्हें टाइफाइड की पुष्टी हुई है। वहीं स्वाथ्य विभाग की टीम ने ज्योति की जांच रिपोर्ट को मामने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि मंडलीय अस्पताल को छोड़ कहीं डेंगू की जांच की सुविधा नहीं है। उसे भी टाइफाइट है। गांव में क्लोरीन की गोली का वितरण करने के साथ ही दवा का छिड़काव कराया गया। लोगों को साफ सपाई से रहने और पशुओं को अपने से दूर रखने की सलाह दी गई है।