आजमगढ़। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन को 400 नए स्वयं सहायता समूहों के गठन का लक्ष्य सौंपा गया है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को समूह सखी, बैंक सखी और अन्य रोजगारपरक गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त किया जाएगा।
इन समूहों के गठन से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को न केवल रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। समूह सखी के रूप में महिलाएं अपने समुदाय में जागरूकता और वित्तीय प्रबंधन का कार्य करेंगी, जबकि बैंक सखी के तौर पर बैंकिंग सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद करेंगी। इसके अलावा, समूहों को विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण और प्रशिक्षण की सुविधा भी दी जाएगी। ताकि वे छोटे-मोटे उद्यम शुरू कर सकें।
जिला प्रशासन ने लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। समूहों के गठन के लिए गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें महिलाओं को समूहों के लाभ और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही, पहले से गठित समूहों की सफलता की कहानियों को साझा कर अन्य महिलाओं को प्रेरित किया जा रहा है।
डीसी एनआरएलएम ने विजय कुमार यादव ने बताया कि शासन की ओर से 400 समूहों के गठन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके लिए सभी को निर्देशित कर दिया गया है। वह महिलाओं को जागरूक कर समूहों का गठन कराएं ताकि लक्ष्य को हासिल किया जा सके।