लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से घटने लगा है। शनिवार के मुकाबले बदरहुंआ नाले पर 38 सेमी और डिघिया नाले पर 50 सेमी की घटोत्तरी दर्ज की गई। नदी अभी डिघिया गेज पर खतरा बिंदू से ऊपर बनी हुई है। वहीं देवारा खास राजा गांव के मुराली का पुरवा में कटान तेज हो गई है।
बदरहुंआ नाले पर शनिवार की शाम घाघरा नदी का जलस्तर 72.06 मीटर दर्ज किया गया था। जो रविवार की शाम 38 सेमी घटकर 71.68 मीटर पर आ गई। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर है। वहीं डिघिया नाले पर शनिवार को नदी का जलस्तर 71.22 मीटर दर्ज किया गया था। जो रविवार को 50 सेमी घटकर 70.72 मीटर पर आ गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 50 सेमी ऊपर बह रहा है। घाघरा नदी का जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीण क्षेत्र के संपर्क मार्गों से पानी हट रहा है। जिससे इन मार्गों से आवागमन धीरे-धीरे शुरू हो रहा है। जलस्तर घटने के बाद भी अभी तक 10 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैँ।
बदरहुंआ गेज पर घाघरा नदी का जलस्तर बैराज से छोड़े गए पानी के कारण काफी बढ़ गया था। पानी बढ़ने से गांवों में पानी भर गया था। बाढ़ का पानी भरने से सगड़ी तहसील के चक्की हाजीपुर, देवारा खास राजा, बांका, बूढ़न पट्टी, साहडीह, सोनौरा, मानिकपुर, अभनपट्टी, मानिकपुर, अराजी अजगरा मगर्वी, अजगरा मगर्वी, देवारा इस्माइलपुर, औघड़गंज समेत 10 गांव बाढ़ से घिरे हैं। हालांकि जलस्तर कम होने से गांवों से पानी धीरे-धीरे निकल रहा है। देवारा खास राजा के मुराली का पुरवा में घाघरा का जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज कर दी है। मुराली का पुरवा के जगधर, रामचंद्र और रामनाथ का घर कटने ही वाला है।
बाढ़ खंड ने बंद कराया सहनूपुर का रिसाव
लाटघाट। सगड़ी तहसील के सहनूपुर गांव में रिंग बाध में रिसाव को लेकर सिंचाई विभाग अलर्ट था। लेकिन रिंग बांध में रिसाव की सूचना जब खबर छपी तो बाढ़ खंड के अधिकारी आनन फानन में रिसाव को बोरी आदि रखकर बंद कर दिया। अवर अभियंता विजय कुमार ने बताया कि सहनूपुर में हो रहा रिसाव पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। बंधे में कहीं भी कोई रिसाव नहीं हो रहा है। बंधा पूर्णरूप से सुरक्षित है।