ट्रेन से सूरत से आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर चिलचिलाती धूप में खड़े।
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आजमगढ़। शासन ने दूसरे प्रांतों में फंसे प्रवासी श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने का निर्णय लिया। इसके लिए सरकार की ओर से बसों और ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। जिसके जरिए प्रतिदिन हजारों प्रवासी श्रमिक जनपद पहुंच रहे हैं। इन प्रवासी श्रमिकों की स्टेशन पर ही थर्मल स्क्रीनिंग कर दो दिन के लिए शेल्टर होम भेजा रहा है। इसके बाद इन्हें होम क्वारंटीन किया जा रहा है।
शासन के निर्णय के बाद से जनपद में ट्रेनों के जरिए प्रवासियों का निरंतर जारी है। शुक्रवार की रात को जनपद में गुजरात से चलकर दो ट्रेनें जनपद पहुंची। जिसमें एक ट्रेन बीरग्राम से और दूसरी ट्रेन सूरत से आई। बुधवार की रात आठ बजे गुजरात के गुरुग्राम से कुल 820 प्रवासी मजदूर, रात 10 बजे गुजरात के राजकोट से कुल 865 प्रवासी मजदूर और शनिवार की सुबह पांच बजे गुजरात के सूरत से कुल 1699 प्रवासी मजदूर आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुॅचे। गुरूग्राम से आने वाले प्रवासी मजदूरों व यात्रियों में 23 आजमगढ़ के तथा 797 अन्य जनपदों के हैं,।राजकोट से आने वाले प्रवासी मजदूरों व यात्रियां में 108 आजमगढ़ तथा 757 अन्य जनपद के हैं। इसी प्रकार गुजरात के सूरत से आने वाले प्रवासी मजदूरों में 506 आजमगढ़ के तथा 1193 अन्य जनपद के हैं। इन सभी का स्टेशन पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा थर्मल स्क्रीनिंग की गई। प्रशासन द्वारा जांच के बाद इन्हें रोडवेज की बसों के जरिए शेल्टर होम भेज दिया गया। जबकि बाहरी जनपदों के प्रवासी श्रमिकों को बसों के माध्यम से उनके जनपद भेज दिया गया।
हरबंशपुर में मदद पाने के लिए निकला हाथ।- फोटो : AZAMGARH