बूढ़नपुर तहसील में फरियादियों की समस्या सुनते अधिकारी। संवाद
आजमगढ़। जिले की विभिन्न तहसीलों में शनिवार को तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इसमें फरियादियों ने अपनी समस्याओं से संबंधित कुल 337 प्रार्थना पत्र अधिकारियों को सौंपे। इनमें से 23 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश दिए गए। बूढ़नपुर: तहसील सभागार में शनिवार को तहसील दिवस का आयोजन सीडीो परीक्षित खटाना और एसपी डॉ. अनिल कुमार की अध्यक्षता में किया गया। तहसील दिवस में कुल 87 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से पांच मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बताया जा रहा है कि तहसील दिवस का आयोजन डीएम की अध्यक्षता में होना था, लेकिन किसी कारणवश डीएम इसमें शामिल नहीं हो सके। इससे कई फरियादी मायूस नजर आए। सीडीओ ने अधिकारियों को जन समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए और लापरवाही न करने की चेतावनी दी। कहा कि समस्याओं का समाधान प्रारंभिक स्तर पर ही कर दिया जाए, ताकि जनता को मुख्यालय न आना पड़े। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने भूमि विवाद मामलों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जाकर दोनों पक्षों से वार्ता कर समाधान कराने के निर्देश दिए। तहसील दिवस पर आए किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष त्रिलोक नाथ ने कहा कि तहसील दिवस जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाला था, लेकिन उनके न आने से लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार तहसील दिवस में शिकायत पत्र देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
गौरा गांव निवासी राम प्रसाद प्रजापति ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1980 में एक जमीन का बैनामा लिया था, लेकिन अब तक वह अपनी जमीन पर कब्जा नहीं पा सके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस विपक्षियों से मिलकर उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करवा रही है। सिहोरा निवासी उर्मिला ने भी बताया कि उन्होंने कई बार तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि उनकी भूमिधारी जमीन पर विपक्षियों द्वारा पुलिस की मिलीभगत से कब्जा किया जा रहा है। वहीं गौरी निवासी रामधनी राजभर ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर गांव के एक व्यक्ति ने अवैध कब्जा कर लिया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। समाजसेवी त्रिलोक नाथ ने मेहदवारे गांव में जल निकासी की समस्या को लेकर भी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।