परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव के जिले में इलेक्ट्रानिक मशीनों की खराबी की सजा कंडक्टर भुगत रहे हैं। अधिकारियों ने मशीन खराबी का ठीकरा आजमगढ़ और अंबेडकर नगर डिपो के 33 कंडक्टरों के सिर फोड़ा है। मशीनों के मरम्मत और विभागीय घाटा पूरा करने के नाम पर कंडक्टरों के मानदेय और वेतन से 2,32,200 रुपये की कटौती का आदेश जारी हुआ है।
आजमगढ़ मुख्यालय पर परिवहन निगम के दो डिपो हैं। इसमें एक आजमगढ़ और दूसरा है डा. अंबेडकर नगर डिपो। यहां से प्रतिदिन 267 बसों का संचालन होता है। प्रदेेश सरकार ने इन्हें ईटीआईएम (टिकट काटने वाली मशीन) उपलब्ध कराई है। जिस डिपो से जितनी बसों का संचालन होता है। वहां रिर्जव में दो या तीन से अधिक मशीनें उन्हें उपलब्ध कराई गई है। उन्हें इस बारे में पता ही नहीं। जब मशीनें खराब होने लगीं तो उन्हें वापस किया गया। लेकिन अब विभाग इसमें उन्हें दोष्ाी मान कर कार्रवाई कर रहा है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निगम का तर्क था इससे टिकटों की हेराफेरी पर रोक लगेगी। विभागीय अधिकारियों की माने तो कुछ कंडक्टरों ने यात्रा के दौरान गलत बटन दबा दिया इससे मशीन खराब हो गई और टिकट का पैसा कंडक्टरों ने खुद की जेब में रख लिया। बाद में इन लोगों ने डिपो में मशीन जमा कर दिया।
जांच में पता चला कि कंडक्टरों की लापरवाही से मशीन खराब हुई है। इनमें अंबेडकर नगर डिपो के 14 कंडक्टरों से 89100 रुपये और आजमगढ़ डिपो के 19 कंडक्टरों से 143100 रुपये का विभाग को नुकसान हुआ है।
एआरएम आजमगढ़ डिपो वीपीएन सिंह ने बताया कि मशीनें खराब होने पर टीएल चंद्रशेखर यादव ने ईटीआईएम मशीनों की जांच की है। उन्हीं की रिपोर्ट के आधार पर वेतन से कटौती आदेश दिया गया है। बताा कि मशीनें खराब होने की वजह से न केवल विभाग की आमदनी पर प्रभाव पड़ रहा, बल्कि बसों के संचालन में भी दिक्कतें हो रही हैं। विभागीय आदे के तहत अब इन कंडक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी।