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गेहूं को नुकसान तो अरहर, मटर व सरसो को मिलेगा लाभ

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सगड़ी। रवि के फसलों के लिए शीतलहर व ठंड का मौसम काफी लाभप्रद होता है। लेकिन दो-तीन सालों से ठंड रवि के फसलों के अनुरूप नहीं पड़ रही है। जिससे निश्चित तौर पर रवि की मुख्य फसलों पर इसका खराब असर पड़ेगा। किसानों की माने तो वर्तमान मौसम गेहूं की फसल के लिए नुकसान दायक है तो वहीं अरहर, सरसो व मटर की फसल के लिए यह मौसम लाभदायक है। फसलों पर मौसम का काफी प्रभाव पड़ता है। फसलों के अनुरूप यदि मौसम है तो निश्चित तौर पर फसल अच्छी होती है लेकिन यदि मौसम ने साथ नहीं दिया तो नुकसान उठाना पड़ता है। बीते दो-तीन सालों से ठंड व शीतलहर न के बराबर पड़ रहा है। इस बार की स्थिति तो यह है कि शीतलहर दो या चार दिन ही देखने को मिला है। जाड़े के मौसम में बरसात भी छुटपुट हुई है। मौसम में हुआ यह परिवर्तन फसलों पर अपना भरपूर प्रभाव डाल रहा है। मालटारी गांव निवासी किसान भुनेश्वरी राय की माने तो यह मौसम गेहूं के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। गेहूं की पैदावार बहुत कम होगी वहीं मटर, चना, सरसो, अरहर के लिए यह मौसम काफी लाभप्रद है। बहावनपुर गांव निवासी किसान रामदुलारे सिंह का कहना है कि शीतलहर का न पडना गेहूं व जौ की फसल के लिए नुकसानदायक है। दो दिनों से मौसम में गर्मी बढ़ गई है और पछुवा हवा चलने लगा है यह गेंहू व जौ की फसल के लिए और भी नुकसानदाय साबित हो रहा है। कालिकापुर गांव निवासी शिववचन का कहना है कि रवि की फसलों के लिए शीतलहर व ठंड का पडना अत्यंत ही जरूरी होता है। रामाश्रय ने बताया कि मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के चलते गेहूं के फसल की ज्यादा सिंचाई करनी पड़ेगी। इसके बाद भी पैदावार कम ही होगा। वहीं आलू की फसल पर भी इस मौसम का बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
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वर्तमान मौसम हर तरह से रवि की फसल के लिए लाभप्रद है। शुरूआत में जरूर मौसम का असर रवि की फसलों पर पड़ा लेकिन वर्तमान में रात के समय जरूरत भर ठंड है और दिन में गर्मी है। इस मौसम से रवि के किसी भी फसल को कोई नुकसान होने की संभावना नहीं है।
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डॉ. उमेश कुमार गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी, आजमगढ़।
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