मार्टीनगंज। स्वच्छ भारत, स्वस्थ्य भारत के सपने को साकार करने केलिए सरकार ने स्वच्छता अभियान की शुरूआत की है। जिसके तहत सरकार की ओर से पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है। लेकिन इसके बाद भी सरकारी विभाग ही सरकार की इस सपने को तोड़ने में मशगूल हैं।
तहसील कार्यालय मार्टीनगंज, विकास खंड मार्टीनगंज और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मार्टीनगंज के सामने सड़क के दूसरी तरफ कूड़े कचरे का ढ़ेर लगा हुआ है। जिसकी बगल से प्रतिदिन सुबह शाम स्कूली छात्रों का आना जाना लगा रहता है। तहसील, विकास खंड के अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों की पूरी टीम हमेशा उसी के पास से गुजरती है लेकिन किसी की नजर उसकी तरफ नहीं जाती है। इसकी वजह से छात्रों के अभिभावकों में रोष है। अभिभावक नरसिंह तिवारी, सूर्यनाथ यादव, रामाश्रय यादव, विंध्याचल लाल का कहना है कि सड़क के किनारे के चाय मिठाई की दुकानों के दुकानदार कचरे और अपषिष्ट को विद्यालय की जमीन में सड़क के किनारे फेंकते रहते हैं। जिसकी वजह से बीमारियों के फैलने की आशंका बढ ग़ई है अगर इसपर रोक नहीं लगाई गई तो हम अभिभावक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।