आजमगढ़। कमिश्नर जगतराज ने मंडल के तीनों जनपदों में निर्माणाधीन परियोजनाओं से संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया है कि जिन परियोजनाओं में धनराशि प्राप्त हो गई है उसका उपयोग तत्काल करें। कमिश्नर मंगलवार को अपने कार्यालय के सभागार में 50 लाख और उससे अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान संयुक्त शिक्षा निदेशक और संभागीय परिवहन अधिकारी की अनुपस्थित रहने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। धनराशि होने के बाद भी गया प्रसाद राजकीय पीजी कालेज अंबारी के प्राचार्य द्वारा धनराशि रिलीज नहीं करने पर प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा गया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि सड़क निर्माण के अतिरिक्त आजमगढ़ में 66 परियोजनाएं, मऊ में 56 और बलिया में 50 परियोजनाएं 50 लाख और उससे अधिक लागत की स्वीकृत हैं। इन परियोजनाओं के लिए आजमगढ़ में स्वीकृत लागत 1363.74 करोड़, मऊ में 238.63 करोड़ और बलिया में 1127.11 करोड़ हैं। लागत के सापेक्ष आजमगढ़ में 75 प्रतिशत, मऊ में 62 और बलिया में 67 प्रतिशत धनराशि अवमुक्त हैं। आजमगढ़ में दो, मऊ में सात और बलिया में तीन परियोजनाएं अभी अनारम्भ हैं। क्रमश: 13, 10 और तीन परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। कमिश्नर ने पूर्ण हो चुके कार्य को हैण्डओवर करने से पहले थर्ड पार्टी से सत्यापन कराने को कहा। संभागीय परिवहन विभाग के कार्यालय का निर्माण रुका मिला। सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि जिन कार्यों के लिए धनराशि उपलब्ध है उसका कार्य किसी भी दशा में बाधित नहीं होना चाहिए। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के स्तर पर कई परियोजनाओं में कार्य विलंबित पाए जाने पर नाराजगी जताई गई। संयुक्त विकास आयुक्त हरिश्चन्द्र वर्मा, वन संरक्षक अमर बहादुर सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के मंडलीय अधिकारी तथा कार्यदायी विभागों के परियोजना प्रबन्धक उपस्थित थे।