आजमगढ़। प्राथमिक विद्यालयों में बीटीसी प्रशिक्षुओं के अलावा बीएड डिग्री धारकों को भी मौका दिए जाने के केन्द्र सरकार के फैसले का बीटीसी प्रशिक्षुओं ने विरोध किया है। आल बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन जनपद इकाई के जिलाध्यक्ष मुकेश चौहान के नेतृत्व में सोमवार को बीटीसी प्रशिक्षुओं ने धरना दिया। केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में बीएड डिमग्री धारकों को शामिल न करने की मांग की। जिलाध्यक्ष मुकेश चौहान ने कहाकि 29 जून 2018 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने प्राथमिक शिक्षा की नियुक्ति 2010 के अधिसूचना में संशोधन करके एक अध्यादेश पारित किया कि अब बीएड के अभ्यर्थी भी प्राथमिक शिक्षक बनने की अर्हता रखते हैं। सरकार यह अध्यादेश जारी कर हम बीटीसी प्रशिक्षुओं के साथ अन्याय किया है। बीटीसी प्रशिक्षुओं की अर्हता केवल प्राइमरी तक होती है। वर्तमान समय में प्रदेश में बीटीसी प्रशिक्षुओं की संख्या पांच लाख से ऊपर है। प्राथमिक विद्यालयों में जो खाली जगह हैं उससे अधिक बीटीसी प्रशिक्षु है। ऊपर से सरकार बीएड डिग्री धारकों को इसमें लाने की बात कर बीटीसी प्रशिक्षुओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। जयसिंह, विनोद, इन्द्रजीत, प्रियांशु, सौरभ, अंगद, एकलाक, संदीप, मनोज, सत्यम, शिवप्रकाश, अवधेश, प्रवीण, आकाश मौजूद थे।