आजमगढ़। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने सोमवार को जिलाध्यक्ष हरिद्वार सिंह की नेतृत्व में कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर धरना देकर कार्य का बहिष्कार किया। मुख्यमंत्री की ओर से औरेया के लेखपालों पर किए गए कड़े शब्दों का प्रयोग करने की घोर निंदा की। आंदोलन में आठों तहसीलों के लेखपालों ने प्रतिभाग किया। जिलाध्यक्ष हरिद्वार सिंह ने कहाकि लेखपाल सरकार से भीख नहीं हक और अधिकर मांग रहे हैं। इसके लिए बलिदान देने को भी तैयार हैं। जब तक हमारी आठ सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं किया जाता आंदोलन जारी रहेगा। हमारी मांगों को राजस्व परिषद अपनी सहमती दे चुका है। जिलामंत्री पंकज अस्थाना ने कहा कि वेतन विसंगति दूर हो, पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू हो, भत्तो में वृद्धि हो, वेतन का उच्चीकरण हो। सरकार कैबिनेट में इसको पारित नहीं करा रही है। जनप्रतिनिधियों को तीन-तीन पेंशन की सुविधा दी जाती है, जबकि कर्मचारी 60 वर्षों की सेवा के बाद भी पेंशन का हकदार नहीं हो पाता है। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए लैपटाप, स्मार्ट फोन की मांग है। अध्यक्षता शकील अहमद व संचालन अमित कुमार पांडेय ने किया। इस अवसर पर पंकज अस्थाना, प्रेमप्रकाश यादव, रामानुज श्रीवास्तव, सुनील यादव, रामजन्म सिंह, राधेश्याम, अशोक यादव, सौरभ उपाध्याय, दिनेश कुमार, फहीम अहमद, साधना सिंह, शिवशंकर सिंह, राजबहादुर यादव, यशपाल चौहान, रामकृपाल सिंह मौजूद रहे।