आजमगढ़। जनपद में लगभग 250 बुनकर समितियों की चल रही जांच में हथकरघा विभाग की गाइड लाइंस और उद्देश्यों की जानकारी देने पहुंचे उपायुक्त हथकरघा विभाग दोषी 11 बुनकर समितियों के संचालकों की ही पैरवी करने लगे। उनके अनपढ़ होने का हवाला देकर सजा कम करने की मांग रख दी। हालांकि जिलाधिका री ने कहा कि दोषी पाए गए समिति संचालकों पर पूर्व जिलाधिकारी के आदेशनुसार ही कार्रवाई होगी। अन्य समितियों की जांच जल्द पूरी की जाएगी।
निदेशक हथकरघा विभाग रमा रमण ने उपायुक्त केपी वर्मा को जनपद में चल रही 250 समितियों की जांच में टीम को विभाग की गाइड लाइंस और उद्देश्यों की जानकारी देने के लिए नामित किया था। केपी वर्मा कानपुर से शुक्रवार दोपहर कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी और जांच अधिकारी एडीएसटीओ सुनील सिंह से कदो घंटे तक मंत्रणा की। सूत्रों की माने तो विभाग की गाइडलाइंस की जानकारी देने बजाय 1.40 करोड़ का मार्केटिंग इंसेटिव हड़पने की दोषी पाई जा चुकी 11 समितियों के सचिव और सभापति का पक्ष रखने लगे। यहां तक कि उनके अनपढ़ होने का हवाला देकर कम सजा देने की मांग रख दी। हालांकि जिलाधिकारी ने इसे सिरे से नकारते हुए पूर्व जिलाधिकारी के आदेशानुसार कार्रवाई की बात कही। साथ ही जांच अधिकारी को आदेश के जल्द से जल्द अनुपालन कराने के निर्देश दिए।
उपायुक्त के घेरे रहे समिति संचालक
आजमगढ़। हथकरघा विभाग के उपायुक्त के आने की खबर से दोषी पाई गई 11 समितियों के संचालक भी कलक्ट्रेट पहुंच गए थे। इस दौरान वो उपायुक्त को घेरे नजर आए।
दोषी पाई गई 11 समितियों के संचालकों ने आवेदन दिया था कि हमें सुनने का एक और मौका दिया जाए। इसी संबंध में जिलाधिकारी से वार्ता की गई है। अगला निर्णय जिलाधिकारी को करना है।
केपी वर्मा, उपायुक्त हथकरघा विभाग
हथकरघा विभाग के उपायुक्त विभाग की योजनाओं की गाइडलाइन बताने आए थे। दोषी पाई जा चुकी समितियों पर पूर्व के आदेशानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अन्य की जांच भी जल्द पूरी करने को कहा गया है।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी