आजमगढ़। स्वास्थ्य महकमे की व्यवस्था वर्षों से बिगड़ी है। इसे सुधारने में समय लगेगा है। दस माह के कार्यकाल में प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिए कई कार्य किया है, जिसका परिणाम भी अब सामने आने लगा है। दिसंबर 2018 तक सारा कार्य पूर्ण हो जाएगा और फिर प्रदश्ेा के सरकारी अस्पताल देखने के अलावा सुविधाओं में भी प्राइवेट अस्पतालों से बेहतर हो जाएंगे। उक्त बातें प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने शुक्रवार को मंडलीय अस्पताल के निरीक्षण के बाद मीडिया से रुबरू होते हुए कही।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पिछले 15 वर्षों से चौपट व्यवस्था में सुधार की कवायद कर रही है। व्यवस्था जल्द ही काफी सुधरी हालत में मिलेगी। दवाओं की उपलब्धता व डॉक्टरों की कमी को दूर करने को सरकार प्राथमिकता दे रही है। इसके तहत पूरे प्रदेश के लिए साढ़े पांच हजार डॉक्टरों को अलग-अलग जिलों पर तैनाती दे दी गई है। वर्तमान में सरकारी अस्पताल में दवाओं की किल्लत को दूर कर दिया गया है। एंटी रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता में कुछ कमी जरूर है, लेकिन जल्द ही यह भी रूटीन में उपलब्ध होने लगेगी। वर्तमान में मंडलीय अस्पताल में 500 इंजेक्शन उपलब्ध है। ई-हास्पिटल की सुविधा आगामी 24 जनवरी को प्रदेश के चार जिला अस्पतालों में शुरू हो जाएगी। इसमें आजमगढ़ मंडलीय अस्पताल भी है। 24 को मुख्यमंत्री लखनऊ से ही इसका लोकार्पण करेंगे।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास को लेकर सरकार तेजी से काम कर रही है। ब्लड बैंक के सहयोग से प्रदेश सरकार 51 जिला अस्पतालों में सुधार का काम शुरू करा दिया है जिनमें आजमगढ़ का अस्पताल भी शामिल है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2018 तक इन अस्पतालों को हर सुविधा से लैस कर दिया जाएगा। जिसके तहत यहां नई मशीनों को स्थापित कराने के साथ ही जरूरत के हिसाब से डॉक्टरों व अन्य कर्मचारियों की तैनाती कर दी जाएगी। प्राइवेट एंबुलेंस के अस्पताल परिसर में मौजूदगी और मरीजों को प्राइवेट अस्पताल पर भेजे जाने के प्रश्र पर उन्होंने कहा कि एसपी को निर्देश दे दिया गया है कि वह यह व्यवस्था करें कि अस्पताल में प्राइवेट एंबुलेंस न आने पाए।
वेदांता के खिलाफ स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत
आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल के निरीक्षण के लिए पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री को दवा प्रतिनिधियों के साथ ही विभिन्न संगठनों ने ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्राइवेट अस्पताल वेदांता के खिलाफ दवा प्रतिनिधियों ने पत्रक देकर कार्रवाई की मांग उठाई वहीं जागो युवा सेवा संस्थान ने अस्पताल की कमियों में सुधार की मांग किया।
दवा प्रतिनिधि संघ ने स्वास्थ्य मंत्री को दिए ज्ञापन में वेदांता अस्पताल में मरीजों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार, मारपीट व अवैध वसूली की बात कही गई। संगठन के अध्यक्ष प्रशांत सिंह ने मांग किया कि जांच करा कर इस अस्पताल के खिलाफ संख्त कार्रवाई की जाए। पत्रक सौंपने वालों में सतीश सिंह, डीएन सिंह, सुबास सिंह, भाष्कर, ओपी सिंह, धनंजय, रामकुमार आदि शामिल रहे। इसी क्रम में जागो युवा सेवा संस्थान के लोगों ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में भ्रष्टाचार चरम पर है। अस्पताल में लगी जांच मशीनों की सुविधाएं मरीजों को नहीं मिलती है। इतना ही नहीं डॉक्टर व अन्य स्टाफ समय से अस्पताल में मौजूद नहीं होते है। वार्डो में जो बेड लगे है, उनमें कई काफी जर्जर हाल में है। दवाओं की उपलब्धता तो राम भरोसे होकर रह गई है।