मुबारकपुर। कस्बे के नेवादा में सोमवार रात नौजवानाने कमेटी की ओर से राज्यस्तरीय मुशायरे और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर रातभर समां बांधे रखा। अपनी प्रस्तुतियों पर खूब वाहवाही बटोरी। मुशायरे में सागर मुबारकपुरी ने सुनाया कि हवा के झोंकों ने मुझे रोक लिया वरना, मैं दाना देख के छत पे उतरने वाला था। असलम अनवार ने कहा कि असलम अनवार को सुनते-सुनते, जाने क्यों रो पड़ा ताबीर बताने वाला। जिगर हादसों से मैं डरता नहीँ, मेरे साथ मेरे मां की दुआ चल रही है...को भी काफी प्रशंसा मिली। फारूक दिलकश, शाह खालिद, साहब नोमानी, परवेज मारुफी, चांद जहानागंजी, जिगर खैराबादी, जुल्फेकार, ओसैद, क़ासिम करीमाबादी, शमशेर आदि ने भी अपने कलाम पेश किए। अध्यक्षता अमीरुद्दीन और संचालन असलम अनवार ने किया। कार्यक्रम के अंत में संयोजक अबू हाशिम ने सभी आगंतुकों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।