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सरकार के निर्देशों के बाद भी नहीं बदले हालात

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आजमगढ़ । परिषदीय विद्यालयों की स्थिति में सुधार के लिए सरकार की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन इसका असर परिषदीय विद्यालयों में दिखाई नहीं दे रहा है। आठ बजे जहां विद्यालय का ताला खुलना चाहिए वहीं शिक्षण सत्र के दूसरे दिन आठ बजे तक विद्यालय में अध्यापक पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। पंजीकृत छात्रों की अपेक्षा उपस्थित छात्रों की संख्या कम ही देखने को मिल रही है। परिषदीय विद्यालयों की स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार को अमर उजाला टीम कई विद्यालयों में गई उनमें जो स्थिति सामने आई वह काफी निराशाजनक थी।
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परिषदीय विद्यालयों के गिरते शैक्षिक स्तर को ऊपर उठाने और बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार द्वारा बच्चों को विद्यालय में भोजन, दूध, फल, ड्रेस, किताब, बैग आदि सामान दिए जा रहे हैं। इसके बाद भी छात्रों की संख्या बढ़ने के बजाए घटती जा रही है। जुलाई माह में विद्यालय को खुले तीन दिन का समय बीत चुका है लेकिन अभी परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को किताबें उपलब्ध नहीं हो सकी है। अध्यापक समय से विद्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। पंजीकृत छात्रों की अपेक्षा विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम देखने को मिल रही है। जबकि वहीं कांवेंट विद्यालय एक जुलाई से पूर्व ही खुले और छात्रों की भरमार है।


प्राथमिक विद्यालय बड़ादेव : सुबह 8:00

प्रधानाध्यापिका इशरत फातिमा और एक अध्यापक मौजूद थी। जबकि यहां पर तीन अध्यापक कार्यरत हैं। छात्रों की उपस्थिति पंजिका में 49 छात्रों का नामांकन पाया गया। इसमें से मात्र 15 छात्र ही मौके पर उपस्थित मिले। प्राथमिक विद्यालय के ऊपरी तल पर संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालय में जाने वाली सीढ़ियों का गेट आठ बजे बंद था। बाद में गेट खुला ऊपर पहुंचे तो छत से कमरों में पानी टपकता हुआ मिला। छात्रों के उपस्थिति पंजिका में 34 छात्र पंजीकृत थे लेकिन मौके पर 16 छात्र ही उपस्थित मिले। विद्यालय में तैनात अध्यापक मौके पर मिले लेकिन वह प्राथमिक विद्यालय में ही बैठे हुए थे। रसोइया तहरी मनाने में मशगूल थे। उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़ादेव की प्रधानाध्यापिका शकुंतला राय ने बताया कि अभी विद्यालय खुला है। बच्चे इधर-उधर गए हैं जल्द ही सारे बच्चे आ जाएंगे। विद्यालय का कमरा जर्जर है जिसके कारण हम लोग बच्चों को कभी पेड़ की छांव में तो कभी नीचे के कमरों में बैठाकर पढ़ाते हैं। इस संबंध में अधिकारियों से कई बार कहा लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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सब्जी मंडी स्थित प्राथमिक विद्यालय: सुबह 8:20


सोमवार को 8.20 बजे हमारी टीम सब्जी मंडी स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चे तो मिले लेकिन अध्यापक नदारद थे। कुछदेर बाद एक-एक कर अध्यापक विद्यालय पहुंचे। यहां पर छात्रों की संख्या 29 दर्ज है लेकिन मौके पर मात्र 10 छात्र उपस्थित मिले। रसोइयां सब्जी और रोटी बनाने में जुटे हुए थे। प्रधानाध्यापक रेहाना खातून ने बताया कि वह समय से विद्यालय पहुंच गई थीं लेकिन उसके बाद हम बच्चों को बुलाने के लिए चले गए थे। छात्रों की उपस्थिति अभी कम हैं लेकिन जल्द ही यह पूरी हो जाएगी।

बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि अभी विद्यालय खुले तीन दिन ही हुुए हैं। अभी बच्चे अपने रिश्तेदार के यहां गए हुए हैं। दो-चार दिन में बच्चों की उपस्थिति ठीक हो जाएगी। विद्यालयों में अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए मैंने आज खुद विंद्राबाजार के विद्यालय का निरीक्षण किया। सारे शिक्षक उपस्थित मिले। इस पर मेरी नजर बनी हुई है अगर कोई अध्यापक समय से नहीं पहुंचता है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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