आजमगढ़। पहली अक्तूबर से प्रदेश में तैनात लाखों शिक्षा प्रेरकों की संविदा समाप्त कर दी गई है। केंद्र सरकार की ओर से 30 सितंबर के बाद साक्षर भारत योजना नहीं चलाने के फैसले से जिले में भी तैनात 3130 शिक्षा प्रेरक बेरोजगार हो जाएंगे। शासन के निर्णय से संविदा शिक्षा प्रेरकों में रोष की स्थिति है और उन्होंने आंदोलन का एलान कर दिया है।
वर्ष 2013 में केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही साक्षर भारत योजना के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 15 वर्ष से ऊपर को लोगों को साक्षर करने के लिए गांव स्तर पर 3130 संविदा शिक्षा प्रेरकों, 11 ब्लाक समन्वयक और जिला समन्वयक की तैनाती की गई थी।
केंद्र की मंशा थी कि साक्षर होकर सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। संविदा शिक्षा प्रेरकों को प्रतिमाह दो हजार और ब्लाक-जिला समन्वयवकों को छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता था। साक्षरता की साल में दो बार परीक्षा भी आयोजित की जाती थी।
12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत शुरू किए गए इस कार्यक्रम के मार्च 2017 में समाप्त होने के बाद इसे सितंबर 2017 तक बढ़ाया गया था। कहा गया था कि योजना का सितंबर में मूल्याकंन किया जाएगा कि कितने लोग अभी तक साक्षर हुए और इसकी अब जरूरत है कि नहीं। आसपास के जिलों में तो मूल्यांकन शुरू किया गया था, आजमगढ़ में इसकी मूल्यांकन भी नहीं किया गया और योजना को बंद करने की घोषणा कर दी गई।
राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सचिव की ओर से जिला लोक शिक्षा समिति के सचिव एवं बीएसए को 27 सितंबर को भेजे गए पत्र में निर्देश दिया गया है कि केंद्र सरकार की ओर से 30 सितंबर तक ही साक्षर भारत योजना चलाने की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसलिए इसका संचालन अब नहीं किया जाएगा।
इसलिए किसी भी संविदा शिक्षा प्रेरक, जिला एवं ब्लाक समन्वयक की संविदा की नवीनीकरण नहीं किया जाए।
फरवरी से नहीं मिला है मानदेय
साक्षर भारत योजना के जिला समन्वयक शक्ति प्रताप ने बताया कि फरवरी 2016 से काम कर रहे प्रेरकों और समन्वयकों को मानदेय भी नहीं मिला। कई बार शिकायत करने पर बीएसएस की ओर से डिमांड भेजी गई, लेकिन इसके लिए बजट नहीं जारी किया गया है। बीएसए की ओर से इस संबंध में रिमाइंडर भी भेजा गया है।
शासन की ओर से 30 सितंबर तक ही साक्षर भारत योजना चलाने की स्वीकृति प्रदान की थी। इससे जिले में तैनात 3130 शिक्षा प्रेरकों के सामने रोजी-रोटी की संकट आ गया है। फरवरी 2016 से मानदेय भी नहीं मिला है। उम्मीद है शासन की ओर से जल्द ही योजना का नवीनीकरण किया जाएगा।
शक्ति, जिला समन्वयक
फिलहाल शिक्षा प्रेरकों और समन्वयकों के नवीनीकरण पर रोक लगाने का आदेश है। इसका अनुपालन किया जाएगा। साथ ही रुके मानदेय को दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
डीडी तिवारी, प्रभारी बीएसए
शिक्षा प्रेरकों की बैठक कल
आजमगढ़। आदर्श लोक शिक्षा प्ररेक वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक पांच अक्तूबर को कुंवर सिंह उद्यान में सुबह 10 बजे से होगी। यह जानकारी जिला मंत्री अखिलेश कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि होने वाली बैठक में बकाया मानदेय और शिक् षा प्रेरकों की समयावधि बढ़ाए जाने की मांग पर विचार किया जाएगा।