आजमगढ़। फर्म कॉंटिनेंटल सिक्योरिटी सर्विस को मुबारकपुर नगरपालिका में टेंडर दिया गया है। आजमगढ़ समेत तीन जिलों के 5 निकायों में टेंडर लेने के बाद कर्मचारियों के ईपीएफ की कटौती कर जमा न करने वाली फर्म ने यहां भी रवैया नहीं बदला। फर्म ने नपा के 294 कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआईसी में 12 फीसदी कटौती तो की लेकिन दोनों के करीब 44 लाख रुपये जमा नहीं किया है। साथ ही नपा ने फर्म को 45 हजार का भुगतान भी कर दिया। इस राशि से भी फर्म ने कर्मचारियों को अंशदान नहीं किया। इस तरह से कंपनी ने कुल 89 लाख रुपये का गबन कर लिया। मामले की जांच शुरू हो गई है।
पांच नवंबर 2024 को नगर पालिका मुबारकपुर ने आउटसोर्स से सफाई कर्मी, वाहन चालक, पंप ऑपरेटर, लाइन मैन, सहायक लाइन मैन, कार्यालय सहायक, चौकीदार और कंप्यूटर ऑपरेटर के 294 पदों पर तैनाती के लिए टेंडर निकाला। इसका टेंडर खोला गया और कांटीनेंटल सिक्योरिटी सर्विसेज उधापुर, जनपद देवरिया को पांच मार्च 2025 से चार मार्च 2026 तक टेंडर दे दिया गया। फर्म ने तबसे आज तक तैनात कर्मियों के मानदेय से ईपीएफ और ईएसआईसी की 12 प्रतिशत कटौती की। इसके साथ नगरपालिका ने भी अपने हिस्से का अब तक लगभग 45 लाख रुपये का भुगतान फर्म को किया। लेकिन, फर्म ने उक्त कटौती की गई धनराशि को कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआईसी में जमा नहीं किया। इस प्रकार फर्म ने कर्मचारियों से की गई 12 प्रतिशत की गई कटौती और नगरपालिका से प्राप्त 45 लाख रुपये का गबन किया।
अक्तूबर 2025 में मुबारकपुर निवासी आमिर फहीम ने इसकी शिकायत आईजीआरएस पोर्टल और डीएम से कर दी। इस शिकायत पर जांच शुरू हो गई। अभी तक यह जांच पूरी नहीं हो सकी है।
मुबारकपुर में टेंडर में लगाया गया एफडीआर भी फर्जी
शिकायतकर्मा आमिर फहीम का आरोप है कि फर्म संचालक ने टेंडर में जो (फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद) एफडीआर लगाया है। वह भी पूरी तरह से फर्जी है। लेकिन, जांच में अधिकारियों द्वारा इसे शामिल नहीं किया गया है। इसके कारण फर्जी एफडीआर के आधार पर टेंडर हासिल करने वाली फर्म के ऊपर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
अधिकारी बोले
अभी शिकायत मिली है और उसकी जांच पूरी नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद आपको बता दिया जाएगा।-संजीव ओझा, सीआरओ।
नपा ने फर्म को 45 लाख रुपये भुगतान कर दिया है। उसने कर्मियों के ईपीएफ-ईएसआईसी की कटौती की। कुछ शिकायतें आईं कि उक्त राशि कर्मियों के खातों में जमा नहीं की गई। इसकी जांच चल रही है। क्योंकि पूर्व में संस्था ने जो कुछ भी किया उसके लिए उसे कहीं भी ब्लैक लिस्टेड नहीं किया गया है। इसलिए उसे डालने से रोका नहीं जा सकता है।-विनय कुमार मिश्र, ईओ नगरपालिका मुबारकपुर।
पहले भी फर्म कई जिलों में कर चुकी है इस तरह की कारगुजारी
- फर्म ने नगर पंचायत हेतिमपुर, देवरिया में तीन जुलाई 2023 से सात अप्रैल 2024 तक 72 कर्मियों ठेका लिया। यहां पर भी फर्म द्वारा कर्मचारियों का ईपीएफ जमा न करने के कारण कई बार नगर पंचायत की ओर से उसे नोटिस जारी किया गया।
- नगर पंचायत पथरदेवा जिला देवरिया में भी एक दिसंबर 2023 से दो मई 2024 तक 83 कर्मियों का ठेका लिया। यहां भी फर्म ने कर्मचारियों के ईपीएफ को काटने के बाद भी जमा नहीं किया। यहां नगर पंचायत ने फर्म की जमानत राशि को जब्त कर लिया।
- नगर पंचायत रूद्रपुर, देवरिया में भी फर्म ने 16 अगस्त 2021 से 15 अप्रैल 2022 तक 120 कर्मियों का ठेका लिया। जब फर्म ने कर्मचारियों का ईपीएफ उनके खातों में जमा नहीं किया तो नगर पंचायत ने फर्म का सर्विस चार्ज ही रोक दिया। उस सर्विस चार्ज से कर्मचारियों के ईपीएफ का पैसा जमा कराया।
- इसी तरह से फर्म ने नगर पंचायत कप्तानगंज जनपद कुशीनगर में 125 कर्मियों, कुशीनगर की नगर पंचायत रामकोला में 52 कर्मियों और देवरिया जनपद की गौरी बाजार नगर पंचायत में 75 कर्मियों का ठेका लिया और यहां भी कर्मचारियों के ईपीएफ की कटौती की लेकिन उसे जमा नहीं किया। इसके बाद भी उसे मुबारकपुर नगरपालिका में 294 कर्मियों का ठेका दे दिया गया।