आजमगढ़। बिजली बिल के बकायेदारों के लिए चलाई जा रही एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का 28 फरवरी को समापन हो गया। तीन चरणों में ढाई माह तक चले एक मुश्त समाधान योजना में मंडल में 265450 उपभोक्ताओं ने लाभ लिया। इसमें विभाग को 208.51 करोड़ का राजस्व आया।
एक मुश्त समाधान योजना की शुरुआत बीते 15 दिसंबर को हुई। मास्टर डाटा से विभाग ने मंडल में पांच हजार के ऊपर के 953337 लाख उपभोक्ताओं को चिह्नित किया था। इन उपभोक्ताओं पर बिजली बिल का 2599 करोड़ रुपये बकाया है। बकायेदार उपभोक्ताओं को ओटीएस का लाभ देते हुए अधिक से अधिक राजस्व लाने के लिए विभाग ने बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया और गांवों में कैंप भी लगाया। पहले और दूसरे चरण में अधिक छूट मिलने के कारण बकायेदार उपभोक्ताओं ने ओटीएस में कुछ रुचि दिखाया लेकिन एक फरवरी से जब ओटीएस का तीसरा चरण शुरू हुआ तो बकायेदार उपभोक्ता इसमें कम रुचि लेते दिखे क्योंकि, इसमें सरचार्ज में बहुत कम छूट मिल रही थी। शुक्रवार को ओटीएस योजना का समापन हो गया। मंडल में लगभग 28 प्रतिशत उपभोक्ता ही ओटीएस का लाभ लिए। यानि 953337 बकायेदारों में से 265450 उपभोक्ताओं ने ही ओटीएस के तहत पंजीकरण कराया। इनसे विभाग को 208.51 करोड़ का राजस्व आया है। ओटीएस में आजमगढ़ द्वितीय सर्किल की स्थिति सबसे खराब रही।
सर्किल- उपभोक्ता- बकाया- पंजीकरण- जमा
आजमगढ़ प्रथम- 245611- 474 - 73854- 60.58
आजमगढ़ द्वितीय- 225446- 506 - 52385- 36.18
मऊ- 256205- 1179- 79939- 69.19
बलिया- 226075- 440- 59272- 42.56
नोट- बकाया और जमाराशि करोड़ में है
एक मुश्त समाधान योजना का मंडल में 265450 बकायेदार उपभोक्ताओं ने लाभ लिया। इसने विभाग को 208.51 करोड़ रुपये राजस्व आया है। जो बकायेदार ओटीएस में पंजीकरण नहीं कराए उनके खिलाफ अब विभाग अभियान चलाकर वसूली करेगा। बकाया न जमा करने पर उनकी बिजली काटी जाएगी।- इंजी. नरेश कुमार, मुख्य अभियंता