आजमगढ़। जिले में विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, फिर भी उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पिछले वित्तीय वर्ष की बात करें तो विभिन्न क्षमता के 250 से अधिक नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए वहीं, करीब एक हजार ट्रांसफॉर्मर की क्षमता वृद्धि भी की गई लेकिन आज भी ट्रांसफॉर्मरों के ओवरलोड से ट्रांसफॉर्मर के जलने की समस्या बनी हुई है।
जिले में विभिन्न भार के 6.90 लाख उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने के लिए लगभग 40 हजार वितरण ट्रांसफॉर्मर लगे हुए हैं। इसमें 25 केवीए के ट्रांसफॉर्मरों की संख्या अधिक है। विभाग उपभोक्ताओं तक निर्बाध बिजली पहुंचाने का दावा कर रहा है, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। गर्मी के दिनों में तो समस्या और बढ़ गई है। एक तरफ जहां ओवरलोड से ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं वहीं, दूसरी तरफ उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है। ओवरलोड की समस्या को खत्म करने के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में जिले के सभी वितरण खंडों में विभिन्न भार के 250 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए। इसके अलावा ओवरलोडेड करीब एक हजार ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि की गई। विभाग के लाख प्रयास के बाद भी ट्रांसफॉर्मरों के ओवरलोड की समस्या बनी हुई है। मई माह में 450 से अधिक ट्रांसफॉर्मर जल चुके हैं। वर्कशॉप के एक्सईएन चंद्रशेखर ने बताया कि अधिकांश ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड से जल रहे हैं।
चालू वित्तीय वर्ष में 984 ट्रांसफॉर्मरों की होगी क्षमता वृद्धि
नए बिजनेस प्लान में विभाग की तरफ से नए ट्रांसफॉर्मर लगाने व पुराने की क्षमता वृद्धि करने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। हालांकि अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिली है। इसमें आजमगढ़ प्रथम सर्किल में 93 नए ट्रांसफॉर्मर लगाने और 462 पुराने ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य प्रस्तावित है। इसके अलावा आजमगढ़ द्वितीय सर्किल में 136 नया ट्रांसफॉर्मर लगाने और 522 की क्षमता वृद्धि करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। सं
पिछले वित्तीय वर्ष के नए ट्रांसफॉर्मर लगाने और पुराने की क्षमता वृद्धि का काम पूरा हो चुका है। उपभोक्ताओं को शेड्यूल के अनुसार बिजली की आपूर्ति की जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष में 229 नए और 984 पुराने ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि का काम प्रस्तावित है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद काम कराया जाएगा।- घनश्याम, अधीक्षण अभियंता।